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Sambhal Lok Sabha Elections: जगरम्पुर व अहरौला गांव में तीन घंटे रुका रहा मतदान, सड़क न बनने से नाराज थे लोग

Tue, 07 May 2024 07:03 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मूंढापांडे (मुरादाबाद)

सार

कुंदरकी विधानसभा के दो गांवों में तीन घंटे तक मतदान ठप रहा। ग्रामीणों ने मतदान का विरोध करते हुए कहा कि शिकायत के बाद भी गांव में सड़क का निर्माण नहीं हो पाया। इससे उन्हें आने-जाने में परेशानी हो रही है। अधिकारियों ने मौके पर जाकर सभी को समझाया इसके बाद मतदान शुरू हुआ। 
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मतदाता का पहचान पत्र देखते डीएम मानवेंद्र सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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संभल लोकसभा क्षेत्र में आने वाली कुंदरकी विधानसभा के जगरम्पुरा और अहरौला गांव में सड़क निर्माण न होने से नाराज लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। करीब तीन घंटे तक दोनों गांवों में मतदान प्रभावित हुआ। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंच गए।

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एसडीएम ने चुनाव संहिता समाप्त होने के तुरंत बाद सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया। मूंढापांडे- रौंडा संपर्क मार्ग पिछले साल आई बाढ़ के पानी से जर्जर हो गया था। इस मार्ग पर ही जगरम्पुरा और रनियाठेर का मंझरा अहरौला गांव पड़ते हैं। दोनों गांवों के लोग लंबे समय तक लिंक मार्ग के निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।

मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया था, लेकिन कुछ ही देर बाद मतदान का बहिष्कार करने का एलान कर दिया। हालांकि कुछ लोगों ने मतदान किया था इस गांव में 1117 वोट हैं। भाकियू भानू गुट के शिशुपाल सिंह, अजय कुमार ने बताया कि बाढ़ आने के कारण सड़क पर पानी आ गया था।
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जिससे जगह-जगह सड़क पर गड्ढे हो गए थे। जिससे आवाजाही में काफी परेशान हो रही थी। इस सड़क की मरम्मत कराने की कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके अलावा इस रोड पर स्थित रनियाठेर का मंझरा अहरौला के लोगों ने भी इस जर्जर रोड की मांग को को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया।

इस गांव में 625 मतदाता हैं। पूर्व प्रधान अवधेश कुमार, बलजीत, तेजपाल योगेंद्र कुमार अनिल कुमार, प्रशांत चौहान का कहना है कि यह मुख्य मार्ग जर्जर होने से लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

अब तो ये हालात हो गए हैं कि लड़के लड़कियों की शादी कराने में भी दिक्कत आ रही है। दूसरे लोगों के लोग इन गांवों में अपने बेटी-बेटी के रिश्ते नहीं कर रहे हैं। करणी सेना के जिलाध्यक्ष और प्रधान पति अविनाश ठाकुर ने लोगों को घर-घर जाकर समझाया, लेकिन वह नहीं माने।

उनकी मांग थी कि जब तक कोई अधिकारी नहीं आएगा तब वह मतदान नहीं करेंगे। ग्राम प्रधान ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद एसडीएम सदर जितेंद्र सिंह वीरवाल सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों गांवों के लोगों ने बताया कि इस रोड के मरम्मत के लिए एस्टीमेट बनवाकर शासन को भेज दिया गया है।
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चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद इस समस्या का निस्तारण किया जाएगा। एसडीएम सदर के आश्वासन पर लोग मान गए और उन्होंने मतदान किया।

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