जमाल मेरे समधी हैं। जिस भवन को निगम की टीम ने शनिवार दोपहर सील किया उसमें मेरी बेटी और दामाद रहते हैं। दामाद उस दौरान कुछ सामान लेने गए थे। टीम ने उनकी बेटी को अंदर बंद कर दिया। मैंने इस संबंध में अपर नगर आयुक्त से बात की तो उन्होंने कार्यालय बुलाया। मैं कार्यालय गया तो काफी देर वह नहीं आए। इस पर मैं चला आया। बाद में फोन से उनसे बात हुई। मैंने अपर नगर आयुक्त को नहीं धमकाया। बल्कि नगर आयुक्त ने अपने को ठाकुर बताते हुए मुझे देख लेने की धमकी दी। जिस भवन पर टैक्स बकाया होने की बात निगम की वसूली टीम कर रही है उसका टैक्स 2022 तक जमा है। जो नोटिस चस्पा की गई है उस पर भी निगम के किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है- यूसुफ मलिक, सपा नेता
फोन पर यूसुफ मलिक ने अपने को आजम खां का आदमी बताते हुए मुझे देख लेने की धमकी दी। मां-बहन की गालियां दीं। मेरे आवास पर आकर मेरा आवास बंद करने तक की धमकी दी। यूसुफ का यह कहना गलत है कि वसूली टीम ने उनकी बेटी को भीतर बंद किया। जब सील की कार्रवाई की गई तो उस घर में पहले से ताले लगे थे। उसकी वीडियो टीम के पास है। बाद में सील तोड़ कर लड़की को अंदर किया गया है। कटघर थाने में इसकी अगल से तहरीर दी जा रही है- अनिल कुमार, अपर नगर आयुक्त
आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर लामबंद हुए कर्मचारी संगठन
नगर निगम कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष एम सुबहान और सफाई कर्मचारी संगठन के प्रांतीय नेता ओमीलाल बाल्मीकि ने घटना पर रोष जताया है। दोनों नेताओं ने कहा कि जब अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है तो कर्मचारी कैसे सुरक्षित रह सकेगा। दोनों नेताओं ने आरोपी सपा नेता के खिलाफ कार्रवाई न होने तक कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।