यूक्रेन में बिगड़े हालात के बीच मुरादाबाद मंडल के चार जिलों मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा और संभल जिले के लगभग 32 छात्र फंस गए हैं। इसके अलावा मुरादाबाद के पाकबड़ा के एक परिवार के चार सदस्य भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इन सभी के परिजन वहां की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
यूक्रेन में मुरादाबाद जिले के एमबीबीएस के चार विद्यार्थियों सहित आठ लोग फंसे हैं। टर्नोपिल में एमबीबीएस के छात्र देहरी गांव निवासी सजल सरकार, चक्कर की मिलक निवासी अमान, वीन्नित्स्या में अवंतिका कालोनी निमिष सक्सेना हैं। भोजपुर निवासी जियाउद्दीन ने बताया कि उसका भाई शहाबुद्दीन भी वीन्नित्स्या में एमबीबीएस का चतुर्थ वर्ष का छात्र है। वहीं, पाकबड़ा निवासी विजयपाल सिंह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यूक्रेन के केमिंसकोए के दिनीप्रो शहर में है। वे प्लास्टिक से जुड़े कारोबार करते हैं।
मुरादाबाद के निमिष ने बताया कि यूक्रेन के समयानुसार सुबह साढ़े आठ बजे वीन्नित्स्या के मिलिट्री बेस पर मिसाइल से हमला हुआ। धमाके से उनकी नींद खुली। इसके बाद वह राशन लेने गए तो दुकानों पर राशन नहीं मिला। मॉल से 15 दिन का राशन खरीदा। यातायात सेवा बंद होने के कारण चार किलोमीटर पैदल सामान लेकर छात्रावास पहुंचे। एटीएम पर लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। निमिष ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के करीब सौ विद्यार्थी उनके विश्वविद्यालय में अध्ययनत हैं। उनकी फ्लाइट 27 फरवरी को है, लेकिन आगे क्या होगा, अब कोई जानकारी नहीं है। लगातार परिजनों और रिश्तेदारों के भी फोन आ रहे हैं।
रामपुर जिले के चार छात्रों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। वे लगातार अपने बच्चों के संपर्क में हैं। रामपुर के ज्वालानगर स्थित साईं विहार निवासी अमित कुमार यूक्रेन के शहर लविव में फंसे हुए हैं। अमित के पिता नेकपाल बिचपुरी गांव के पूर्व प्रधान रहे हैं। स्वार क्षेत्र के गांव मझरा हसन निवासी जीशान यूक्रेन के शहर उजारॉड में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। इनके पिता अबुल हसन मेडिकल स्टोर संचालक हैं। वहीं सैदनगर क्षेत्र के गांव सेटाखेड़ा निवासी सुब्हान भी उजारॉड में पढ़ाई कर रहे हैं। इनके पिता जलीस अहमद किसान हैं।
बिलासपुर क्षेत्र के पट्टी बसंतपुर निवासी संजय दत्त शर्मा वीन्नित्स्या शहर में रहकर एमबीबीएस कर रहे हैं। पिता पेशे से किसान हैं। अमरोहा के भी सात छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं। अमरोहा के अधिकांश छात्र वीन्नित्स्या शहर में हैं। इनमें जोया के मोहल्ला उमर का बेटा नूरेन और दोनों बेटियां उमर जहां व कमर, अमरोहा निवासी डॉक्टर जमशेद कमाल के बेटे शाह कमाल और जोया निवासी डॉ. गौतम की बेटी अंशिका, जोया ब्लाक में तैनात एडीओ अफसर अली के बेटे जावेद अनवर, गजरौला के सुल्तानपुर में रहने वाले नरोत्तम सिंह का 28 वर्षीय बेटा पुत्र कैलाश हैं।
अमरोहा नगर के प्रीत विहार निवासी सतेंद्र सिंह बेटी अंजलि बुधवार को घर लौट आईं हैं। संभल जिले के 17 छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं। छात्रों के परिजन उनसे संपर्क कर उनका हाल जानने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक सभी ने खुद को सुरक्षित बताया है।