मुरादाबाद/बरेली। मुरादाबाद में भ्रष्टाचार के 30 साल पुराने मामले में फरार चल रहे आरपीएफ के सेवानिवृत्त सहायक सुरक्षा आयुक्त को जीआरपी बरेली ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मुमताजुल हक उस्मानी पर वर्ष 1990 में रुपयों के लेनदेन के मामले में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ था। उस समय वह मुरादाबाद में आरपीएफ इंस्पेक्टर के पद पर तैनात था।
इसके बाद दिल्ली समेत कई अन्य मंडलों में भी तैनात रहा और सहायक सुरक्षा आयुक्त के पद तक पहुंचा। जांच के बाद भ्रष्टाचार का मामला अदालत तक पहुंचा तो पेश होने के लिए नोटिस जारी हुए। इसके बावजूद आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया। लंबे समय बाद कोर्ट ने आरोपी की कुर्की का वारंट जारी कर दिया। इसके भी तकरीबन 10 वर्ष बाद रविवार को जीआरपी बरेली ने आरोपी मुमताजुल को प्रयागराज जिले के खुल्लाबाद थानाक्षेत्र में उसके घर से गिरफ्तार किया है। एसपी जीआरपी अपर्णा गुप्ता ने बताया कि लंबे समय से यह केस चल रहा था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।