एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि ठाकुरद्वारा निवासी 72 वर्षीय रूप किशोर सहकारिता विभाग में सचिव पद से सेवानिवृत्त हैं। वर्तमान में वह ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। पांच दिन पहले इनके व्हाट्सएप पर एक महिला ने मैसेज किया और दोस्ती करने का झांसा देकर बातचीत शुरू कर दी। इसके बाद महिला ने उनसे व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल शुरू कर दी।
मंगलवार की शाम आरोपी महिला ने रूप किशोर को मिलने के लिए मुरादाबाद में सिविल लाइंस क्षेत्र की दीन दयाल नगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में बुला लिया। आरोपी महिला उन्हें कमरे में ले गई। इसी दौरान पहले से दूसरे कमरे में छिपे महिला के चार साथी और एक महिला भी बाहर आ गई। जैसे ही रूप किशोर कमरे से बाहर निकले तो इन्होंने वीडियो बना लिया। जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने और जेल भिजवाने की धमकी दी। अगर जेल जाने से बचना है तो 10 लाख रुपये देने होंगे।
इस दौरान आरोपियों ने उनसे 50 हजार रुपये भी ले लिए। बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए कह दिया लेकिन आरोपियों को उन पर विश्वास नहीं हुआ। वह उनकी गाड़ी में ही बैठ गए और उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। आरोपी धमकी देने लगे कि बाकी रकम आज ही देनी होगी। सिविल लाइंस में चक्का पुल के पास कांवड़ यात्रा में लगे पुलिस कर्मियों को देखकर रूप किशोर ने शोर मचा दिया।
इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार रुकवा ली। पुलिस ने कार से नागफनी के दीवान का बाजार निवासी महक उर्फ फरीदा (38), नागफनी के गुलाब का बाग निवासी रानी (28), मंडी में आढ़त पर काम करने वाले मझोला क्षेत्र के एकता कॉलोनी निवासी राहुल शर्मा (30)और मूंढापांडे के चंदनपुर इशापुर निवासी राधेश्याम (30) को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि दूसरी गाड़ी में इनके साथी अमन और सोनू शर्मा थे। वह मौके से गाड़ी दौड़ाकर भाग गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। बुधवार शाम दोनों महिलाओं और इनके दो साथियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।