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Rampur: हिरासत में युवक को दी यातना... चौकी इंचार्ज समेत तीन निलंबित, एसपी बोले- लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई

Tue, 23 Jul 2024 11:45 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, शाहबाद (रामपुर)

सार

रामपुर की ढकिया चौकी में युवक को यातना देने के मामले में चौकी प्रभारी समेत तीन कर्मियों को निलंबित कर दिया है। पीड़ित को घरेलू विवाद के चलते कर्मी चौकी ले गए थे। इसके बाद उसे हवालात में जमकर पीटा गया था।
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पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग और पीड़ित व्यक्ति - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ढकिया चौकी क्षेत्र के भंवरकी जदीद गांव निवासी ऋषिपाल को केवल घरेलू विवाद में पुलिस ने हिरासत में लेकर यातनाएं दीं। पुलिस कर्मियों ने हवालात में बंद करके उसकी पिटाई की और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग भी किया। पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन और हंगामा भी किया।

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दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चौकी इंचार्ज और दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित ऋषिपाल का कहना है कि 20 जुलाई को घर में पत्नी से कहासुनी हो गई थी। जिसकी शिकायत करने पत्नी ढकिया चौकी पहुंच गई थी।

करीब शाम पांच बजे ढकिया चौकी में तैनात सिपाही जयदेव सिंह व अमित कुमार पीड़ित के घर पहुंचे और पीड़ित को चौकी ले आए। आरोपी सिपाहियों ने रात्रि में करीब एक बजे पीड़ित की जाति पूछी। आरोप है कि जाति पूछने के बाद आरोपी सिपाहियों ने शराब के नशे में संयुक्त रूप से पीड़ित को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लात-घूसों और डंडों से बुरी तरह से पीटा।
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पिटाई के दौरान पीड़ित के शरीर के प्राइवेट पार्ट पर चोटें आई है, जिसके बाद पीड़ित चौकी में ही बेहोश हो गया था। जब पीड़ित को होश आया तो सिपाहियों ने रात में अपने कमरे में ले गए और से पूरी रात हाथ पैर दबवाए। रविवार सुबह को पुलिसकर्मियों ने पीड़ित ऋषिपाल को छोड़ दिया।

घर पहुंचने के बाद पत्नी को शरीर पर चोटों को दिखाया, तब मामला आग की तरह फैल गया। इसी बीच सिपाहियों द्वारा पीटे गए ऋषिपाल ने अपने चोटों के निशान की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। वीडियो वायरल होते ही घटना के बाद दलित समाज के लोग इकट्ठे हो गए।

इस मामले में आक्रोशित दलित समाज के लोग सीओ कार्यालय के बाहर पहुंचे और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। बाद में दलित समाज के लोगों ने सीओ से वार्ता की। सीओ ने मामले को भांपते हुए हुए दोनों आरोपी सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।

सीओ संगम कुमार ने बताया कि पीड़ित का मेडिकल करा दिया है, इंजरी आई है। सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को रिपोर्ट भेज दी। सोमवार देर शाम को ढकिया चौकी इंचार्ज अशोक कुमार, सिपाही जयदेव और अमित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इस प्रकरण की एसपी के निर्देशों पर जांच शुरू कर दी है। करीब बीस साल पहले एक मामले में तत्कालीन ढकिया चौकी इंचार्ज पीडी रत्नाकर ने पप्पू नाम के युवक को हिरासत में लिया था। हिरासत में लेकर उसकी हवालात में उल्टा लटका कर पिटाई की थी।

पिटाई के कारण पप्पू की मौत हुई थी। उस दौरान पीडी रत्नाकर निलंबित हुए थे और एफआईआर दर्ज होकर कार्रवाई शुरू हुई थी। बाद में कोर्ट के आदेश पर पीडी रत्नाकर को जेल हुई थी। बताया कि तत्कालीन कोतवाल भी जांच के घेरे में आए थे।

अब ऋषिपाल की पिटाई का प्रकरण में ढकिया पुलिस पर एक बार फिर से सवालिया निशान खड़े हुए है। इसी हफ्ते ढकिया चौकी इंचार्ज अशोक कुमार ने चार्ज संभाला था, कि इस प्रकरण में वो भी निलंबित हो गए।

भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष सुनील सागर अपने कार्यकर्ताओं के संग पीड़ित के साथ सीओ के यहां पहुंच गए और घटना की निंदा की। पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा शहीद भगत सिंह युवा मोर्चा के अध्यक्ष रजत कुमार, पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह सागर, राजकुमार सागर ने कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर उस्मान अली, तेज सिंह, अमृतसिंह सागर, प्रिया गौतम, भारत सिंह सागर आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

ढकिया में पति पत्नी के विवाद में पति को पूछताछ के लिए उठाया गया था। जांच में पता लगा है कि आरक्षियों ने उसकी पिटाई की है। इस मामले में आरक्षियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उपनिरीक्षक और दोनों सिपाहियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी है। - विद्या सागर मिश्र, एसपी रामपुर 
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