रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से काफिया बाद गांव में पानी आ जाने से परेशानी उठाकर वाहन ले जाते लोग
मुरादाबाद। पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते कालागढ़ डैम से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे रामगंगा का जल स्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ता जा रहा है। मुरादाबाद में रामगंगा चेतावनी स्तर से 23 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के साथ खतरे के निशान से मात्र 77 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। उफनाई रामगंगा का पानी कफियाबाद गांव के निकट पहुंचने के साथ सड़क पर आ गया है। आबादी के किनारे तक बाढ़ का पानी पहुंचने से लोग चिंतित हैं। लेकिन प्रशासन अब भी किसी तरह के खतरे की आशंका होने से इनकार कर रहा है।
पिछले 24 घंटे में रामगंगा का जल स्तर 57 सेंटीमीटर बढ़कर 189.83 मीटर पर पहुंच गया। जो चेतावनी स्तर 189.60 मीटर से 23 सेमी ऊपर है। इसके चलते नदी यहां खतरे के निशान 190.60 से मात्र 77 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। नदी का जल स्तर बढ़ने के कारण काफियाबाद से हक्का भीकनपुर, गनीमतनगर को जाने वाले मार्ग करीब दो से ढाई फीट पानी में डूब गए हैं। इस मार्ग पर लोगों का आवागमन प्रभावित है। यहां प्रशासन द्वारा नाव आदि की कोई व्यवस्था न किए जाने के कारण कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्राली से लोगों को पानी पार कराते देखे गए। रामगंगा का पानी ग्राम बसावनपुर, चिल्लौ नजरपुर व भोजीपुरा के करीब भी पहुंच गया है। रामगंगा का जल स्तर बढ़ने के बाद शिव कॉलोनी से नदी के दूसरी ओर खेती व मजदूरी करने जाने वाले लोगों को भी नाव के सहारे नदी पार कर आवागमन करना पड़ा। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि रामगंगा अभी खतरे के निशान से 77 सेमी नीचे है। शुक्रवार रात में जल स्तर के घटने की संभावना है। फिलहाल जिले में बाढ़ का खतरा नहीं है।
रामगंगा का जल स्तर बढ़ा है, लेकिन इसके बाद भी किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। कहीं भी बाढ़ जैसे हालात फिलहाल नहीं हैं। सड़क पर भी बाढ़ का पानी आने की कोई सूचना नहीं है। काफियाबाद क्षेत्र की तरफ सड़क के नीचा होने के कारण थोड़ा बहुत पानी सड़क पर आ जाता है। वहां स्टाफ भेज कर दिखवाया जाएगा।
- प्रीति जायसवाल, एडीएम (एफआर)
आशियाना के पीछे उफना रही रामगंगा
मुरादाबाद। आशियाना-रामगंगा विहार कालोनी के पीछे से गुजर रही रामगंगा जलस्तर बढ़ने से उफनाने लगी है। आम दिनों में खाली दिखने वाला फाट अब नदी के पानी की जद में है। नदी हालांकि अपने क्षेत्र में ही है। लेकिन यदि पहाड़ों पर बारिश कम न हुई और कालागढ़ से पानी लगातार छोड़ा जाता रहा तो स्थिति बिगड़ सकती है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नज़र बना हुए हैं।