पीतल नगरी कमल विहार में जल स्तर बढ़ने पर सड़कों और घरों में घुसा पानी। स्रोत पाठक
मुरादाबाद। रामगंगा दूसरे दिन भी लाल निशान के पार रही। शनिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर (191.25 मीटर) पहुंच गया। कुंदरकी क्षेत्र के किसान दिनेश सैनी (32) की बाढ़ के पानी डूबकर मौत हो गई। वहीं कांठ क्षेत्र में करूला नदी में नहाते समय हाईस्कूल का छात्र कपिल बह गया। पुलिस प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया है।
शहर की आशियाना कॉलोनी श्मशान घाट पर पानी भरने के कारण पुलिस ने सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान जाने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। इस्लाम नगर मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। जामा मस्जिद इलाके में नदी के किनारे बसे मोहल्लों के घरों में पानी घुस गया है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से काफी घरों के लोगों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया है। निर्माणाधीन गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में पानी भरने से काम ठप है।
नदियों का जलस्तर बढ़ने से जिले की तीन तहसीलों के 67 गांव पानी से घिरे हैं। सदर तहसील के तीन और गांवों में पानी घुस गया है। जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार कटघर स्थित रामगंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान से ऊपर 191.02 मीटर तक था लेकिन शनिवार की शाम छह बजे बढ़कर 191.25 मीटर हो गया है। इसी प्रकार गागन नदी का खतरे का निशान 192.28 है। शनिवार को गांगन का जल स्तर बढ़कर 191.600 मीटर तक आ गया है। दोनों नदियों का जलस्तर पर शुक्रवार की तुलना में बढ़ गया है।
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एंबुलेंस बोट बनेगी बाढ़ पीड़ितों के लिए कारगर
एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय और एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा ने दसवां घाट पर एंबुलेंस बोट का उद्घाटन किया। इस दौरान मौजूद बाढ़ कंट्रोल रूप के प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बोट में गर्भवती और बीमार महिलाओं को रेस्क्यू किया जाएगा। एंबुलेंस में जिला अस्पताल के डॉक्टर मौजूद है। पेट्रोल चालित नाव धारा के सापेक्ष 45 किमी प्रतिघंटा और धारा के विपरीत 25 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी। इस नाव से पानी में घुसकर मेडिकल टीम इलाज कर सकती है।
बंधा टूटने से 30 परिवार फंसे
मूंढापांडे। रामगंगा नदी में आई बाढ़ से मूंढापांडे ब्लॉक क्षेत्र के दस गांवों का आवागमन बंद हो गया है। चतुर नकटा खेड़ा कृषि फार्म के पास शुक्रवार शाम बंधा टूटने से 30 परिवार बाढ़ के पानी के बीच फंस गए हैं। इस दौरान पांच घर पानी से गिर गए हैं। बाढ़ में फंसे परिवारों ने रामपुर के भैया नगला स्थित सरकारी स्कूल और पंचायत घर में शरण ली। मूंढापांडे- रौड़ा रोड पर पुल के पास एक किलोमीटर एरिया में करीब पांच फीट पानी भरा है। रौड़ा-पंडित नगला सड़क पर सुल्तानपुर पट्टी के पानी भरने से आवाजाही बंद हो गई है। लालाटीकर स्थित सीएचसी में पानी भर गया है।