जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 17 जुलाई से पल-पल अपनों का इंतजार कर रही पांच साल की राखी सोमवार शाम अपने नाना के साथ चली गई। बाल कल्याण समिति ने अस्पताल पहुंचकर नाना, मामा और साथ आए अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। उनसे शपथ पत्र लिए। इसके बाद ही बच्ची को उन्हें सौंपा गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था कर बच्ची को उसके नाना के घर बिजनौर तक पहुंचाया गया।
बिजनौर जिले के नजीबाबाद थानाक्षेत्र के पदारसपुर निवासी बलजीत की पत्नी गीता 17 जुलाई को कांठ रेलवे फाटक के पास अपने ढाई साल के बेटे गुल्लू और पांच साल की बेटी राखी को साथ लेकर ट्रेन के आगे कूद गई थी। गीता और गुल्लू की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि राखी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बिजनौर जिले के स्योहारा थानाक्षेत्र के पित्तापुर निवासी चिरंजीलाल शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे थे और उन्होंने बच्ची की पहचान अपनी नातिन राखी के रूप में की। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने बताया कि सोमवार को जिला अस्पताल में बच्ची के नाना चिरंजी, नानी, और मामा व मामी के बयान दर्ज किए।
इसके बाद सभी से शपथ कर लिया। समिति ने निर्णय लेते हुए बच्ची को उसके नानी चिरंजी को सौंप दिया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर बच्ची को उसके नाना के घर तक भिजवाया गया है।
छलक आईं स्टाफ की आंखें
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में 17 जुलाई से राखी की देखभाल नर्स और कर्मचारी कर रहे थे। सोमवार को राखी को उसके परिजन ले जाने लगे तो उनकी भी आंखेें भर आईं। उन्होंने बच्ची को एंबुलेंस में बैठाया और उसके सभी खिलौने व कपड़े भी दिए। बच्ची को अस्पताल में इतना प्यार मिला कि उसने एक बार तो अपने नाना और नानी के साथ जाने से इंकार कर दिया था।
नहीं पसीजा पिता का दिल
मुरादाबाद। 17 जुलाई से भर्ती बच्ची को देखने के लिए उसका पिता एक बार भी देखने नहीं आया। जबकि बच्ची के नानी के घर से सभी लोग सूचना मिलने पर आ गए। उन्होंने बताया कि पिता तो पहले से ही बच्चों से नफरत करता है। सूचना मिलने के बाद भी बच्चे को देखने नहीं आया है।
सीएमएस पर लगाया अभद्रता का आरोप
मुरादाबाद। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सीएमएस से एंबुलेंस उपलब्ध कराने को कहा था। लेकिन उन्होंने एंबुलेंस देने से इंकार कर दिया। इसके अलावा उन्होंने उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। उन्होंने इस मामले की शिकायत डीएम से की है। डीएम के हस्तक्षेप के बाद बच्ची के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।