मुरादाबाद। सोनकपुर ओवरब्रिज निर्माण में रेलवे की सुस्ती नहीं टूट रही है, निर्माण कार्य रुका हुआ है। नतीजतन चार वर्षों से लंबित निर्माण दावे के मुताबिक सितंबर 2021 तक पूरा नहीं हो सकेगा। लोकोशेड पर निर्माण में भी रेलवे की सुस्ती के कारण पांच वर्ष लगे थे। अब सोनकपुर ओवरब्रिज का भी यही हाल है। चार वर्षों में निर्माण का बजट बढ़कर 90 करोड़ से 116 करोड़ रुपये हो गया है, लेकिन रेलवे के निर्माण पूरा करने के दावे हर बार झूठे साबित हो रहे हैं।
रेलवे और सेतु निगम शहरवासियों को चार सालों से इंतजार करा रहे हैं। हरिद्वार-दिल्ली रेल लाइनों पर बनने वाले सोनकपुर ओवरब्रिज का शिलान्यास चार वर्ष पहले हुआ था, लेकिन रेलवे की सुस्ती के कारण अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो सका। वर्ष 2017 में तत्कालीन संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने पुल का शिलान्यास किया था। दिसंबर 2019 तक पुल निर्माण पूरा करने का दावा किया गया, जोकि बाद में खोखला साबित हुआ। इसके बाद जून 2021 तक निर्माण पूरा करने का दावा भी धड़ाम हो गया। अब सितंबर 2021 तक इसके पूरा करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन काम ठप पड़ा है। वास्तविक स्थिति के अनुसार सितंबर तक निर्माण पूरा होना संभव नहीं है।
यही स्थिति रही तो दो साल में पूरा होगा काम
सेतु निगम के मुताबिक निर्माण अधर में होने का कारण इस सेतु का नक्शा है जिसे रेलवे ने दोबारा तैयार किया है। निगम के मुताबिक रेलवे को अपना काम पूरा करने में अभी एक साल लगेगा। इसके बाद कम से कम छह माह का समय सेतु निगम को चाहिए। इस प्रकार 2022 तक भी पुल पूरा नहीं हो पाएगा। 1.15 किमी लंबा यह पुल हरिद्वार व दिल्ली की दोनों रेल लाइन से होकर कांशीराम नगर में उतरेगा। यहां से कांशीराम नगर होते हुए नया मुरादाबाद व दिल्ली रोड जाना आसान होगा।
शहर को जाम से निजात दिलाएगा सोनकपुर ओवरब्रिज
सोनकपुर ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद शहर की 12 लाख की आबादी को जाम से मुक्ति मिलेगी। यह पुल बाईपास का काम करेगा। इस पुल के नीचे से दो अंडर पास बनेंगे और यातायात को रफ्तार मिलेगी। ओवर ब्रिज के ऊपर एमडीए की आवासीय योजना में जाने के लिए चौराहे का निर्माण किया जाएगा। इस चौराहे से जाने के लिए दो रास्ते दिए जाएंगे। जिसमें पुल के ऊपर से नीचे जाने और आने की व्यवस्था भी होगी। रेलवे के निर्माण विभाग की सुस्ती टूटे तो शहर की बड़ी समस्या हल हो जाएगी। फिलहाल रेलवे के निर्माण विभाग के अधिकारियों ने इस विषय पर चुप्पी साध रखी है और कुछ भी कहने से इंकार किया है।
सेतु निगम की ओर से 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट में रेलवे की ओर से काम होना बाकी है, जब रेलवे अपना काम पूरा करेगा इसके बाद ही निगम आगे का कार्य कर सकेगा। रेलवे के कार्य में लगभग एक साल का समय लगेगा इसके बाद छह महीने में सेतु निगम द्वारा पुल तैयार कर दिया जाएगा।
- टीपी गुप्ता, असिस्टेंट इंजीनियर, सेतु निगम