मुरादाबाद। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर खतरा होने की आंशका दुनिया भर के कई चिकित्सा संस्थान और खुद डब्ल्यूएचओ भी जता चुका है। ऐसे में तीसरी लहर का सामना करने और उससे बचने के लिए जनपद में तैयारियां तेज हो गई हैं।
रेलवे अस्पताल में बच्चों की देखभाल के लिए विशेष चाइल्ड केयर यूनिट तैयार की गई है। इसमें बच्चों के लिए पंद्रह बेड का एक वार्ड बनाया गया है। साथ ही एक बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति भी की गई है।
हाल ही में रेलवे अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ हुआ है। यह प्लांट प्रति मिनट 250 लीटर ऑक्सीजन उत्सर्जित करेगा। चाइल्ड केयर यूनिट के सभी बेडों को ऑक्सीजन की पाइप लाइन सप्लाई से जोड़ा गया है। आपातकालीन स्थिति के लिए या ऑक्सीजन प्लांट के काम न करने की स्थिति में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और अतिरिक्त सिलेंडरों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे आवश्यकता के समय मरीजों के इलाज में कोई दिक्कत न हो।
गौरतलब है कि रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने कोरोना की पहली और दूसरी लहर में सराहनीय कार्य किया। उपलब्धि रही कि इस अस्पताल में इलाज के दौरान किसी भी मरीज की सांसे नहीं थमी। बल्कि सौ वर्ष से अधिक के बुजुर्ग भी मात्र छह दिन में कोरोना को मात देकर अपने घर लौट गए थे।
रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों और उनकी टीम की सराहना तत्कालीन डीआरएम तरुण प्रकाश और महाप्रबंधक उत्तर रेलवे ने प्रशस्ति पत्र के माध्यम से की थी। हालांकि सब की ईश्वर से यही कामना है कि कोरोना की तीसरी लहर का सामना न करना पड़े। फिर भी चिकित्सक पूरी तरह तैयार हैं।
रेलवे अस्पताल के सीएमएस डॉ. जगदीश चंद्र का कहना है कि रेलवे अस्पताल की जो उपलब्धियां रही हैं उन्हें वे आगे भी कायम रखना चाहते हैं। इसके लिए उनकी पूरी टीम तैयार है।