काले धन, भ्रष्टाचार और जाली करेंसी पर रोक लगाने के लिए पीएम मोदी ने हजार - पांच सौ के पुराने नोटों को बंद करने का फैसला किया तो पूरे देश ने इसका स्वागत किया। मुल्क सरहदों के पार दूसरे देशों ने भी प्रधानमंत्री के कदम को साहसिक फैसला बताया है। लेकिन बीते दो दिन से देश की संसद में इस फैसले पर शोर मचा है। राजनीतिक दलों ने संसद में हंगामा मचा रखा है। हरेक राजनीतिक पार्टी पब्लिक का नाम लेकर संसद में शोर मचा रही है। हंगामा पब्लिक के नाम पर बरपा है इसलिए हमने पब्लिक की नब्ज टटोलना जरूरी समझा। लेकिन का जवाब नेताओं को आइना दिखाने वाला था। बैंक के दरवाजाें पर कतारों में लगे किसी भी शख्स ने नोटबंदी के फैसले की निंदा नहीं की। बल्कि संसद में मचे शोर पर पब्लिक का कहना था कि नेता तो बौखलाएंगे ही, बौखलाएं भी क्यों न? देश की ब्लैक मनी को 80 फीसदी हिस्सा तो बेईमान नेताओं और भ्रष्ट अफसरों के ही पास है।
नेता तो चिल्लाएंगे ही काला धन जो है
सिविल लाइंस में स्टेट बैंक की कतार में लगी पीतल बस्ती की अनामिका त्रिपाठी कहती हैं कि संसद में नेता तो चिल्लाएंगे ही क्योंकि पीएम मोदी के फैसले की सबसे ज्यादा मार इन नेताओं पर ही पड़ी है। बोलीं, पब्लिक तो देश के लिए थोड़ा कष्ट भी सह लेगी लेकिन भ्रष्ट नेता और बेईमान अफसरों को यह सख्त फैसला रास नहीं आ रहा है।
पब्लिक खुश, नेता ही परेशान
एसबीआई की ही कतार में लगी नवीन नगर निवासी मिथलेश कहती हैं कि पब्लिक के नाम पर संसद में चिल्ला रहे नेता वास्तव में अपनी ब्लैक मनी के रद्दी होने से बौखलाए हैं। पीएम के फैसले को देशहित में बताते हुए मिथलेश ने कहा कि बैंकों की लाइनों में महिलाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
पीएम का फैसला अच्छा, व्यवस्थाएं दुरुस्त हों
एसबीआई की ही लाइन में लगे मुगलपुरा के जावेद अली कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नोटबंदी का फैसला अच्छा है। इससे काले धन, भ्रष्टाचार और जाली करेंसी पर रोक लगेगी। लेकिन सरकार को आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैंकों में कैश बढ़ाना चाहिए ताकि करेंसी एक्सचेंज और नोट जमा करने व निकासी का काम तेजी से हो सके।
देश की खातिर थोड़ी परेशानी भी सही
सिविल लाइंस आईसीआईसीआई बैंक की कतार में लगे लाजपत नगर के जैनुल काजमी कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के भविष्य के मद्देनजर अच्छा फैसला किया है। देश की खातिर आम आदमी थोड़ी परेशानी भी झेलने को तैयार है। शादी के लिए 2.5 लाख रुपये निकालने की छूट देकर सरकार ने अच्छा कदम उठाया है। व्यवस्थाएं और दुरुस्त होनी चाहिए, सभी एटीएम चालू किए जाएं।
आईसीआईसीआई सिविल लाइंस की कतार में लगे मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी मोहम्मद आजम कहते हैं कि कालेधन पर रोक के लिए नोटबंदी का फैसला एकदम सही कदम है। पब्लिक का खून चूसकर ब्लैक मनी से बोरे भरने वाले भ्रष्ट नेता और बेईमान अफसर इस एक्शन से बौखलाए हुए है। बेवजह पब्लिक का नाम लेकर हंगामा कर रहे हैं। हालांकि आजम कहते हैं कि सरकार को एक्शन लेते वक्त तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए थीं।