दढ़ियाल। बिजली कटौती से गुस्साए लोगों द्वारा बिजलीघर पर ऑपरेटर और संविदा कर्मी को पीटकर घायल कर देने के मामले से गुस्साए बिजली कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को बिजलीघर पर धरना दिया। धरने पर मौजूद कर्मचारियों ने इस मामले में नामजद भाजयुमो जिला मंत्री समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर काफी देर नारेबाजी की। एसडीओ की ओर से तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर दो घंटे बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
टांडा बिजलीघर से आ रही 33 केवीए हाईटेंशन लाइन में फाल्ट होने से बुधवार रात करीब 10 बजे नगर की विद्युतापूर्ति ठप हो गई थी। इससे गुस्साए कुछ लोग बिजलीघर पहुंच गए थे और वहां मौजूद ऑपरेटर अशोक कुमार और हेल्पर के रूप में तैनात संविदा कर्मी अब्दुल रब को पीटना शुरू कर दिया था। मारपीट की घटना में दोनों कर्मचारी घायल हो गए थे। जेई विजयपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने नगर निवासी भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री अंकुश चौधरी व तीन अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
इस घटना के विरोध में बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे विद्युत संविदा मजदूर संगठन रामपुर के महामंत्री फरहान खां के नेतृत्व में कर्मचारी बिजलीघर पर जुटे और धरना शुरू कर दिया। धरने में दढ़ियाल के अलावा स्वार, मसवासी, सैदनगर, टांडा सहित कुछ अन्य बिजलीघरों के कर्मचारी भी शामिल हुए। सभी ने नामजद भाजयुमो नेता समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।
बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम छोड़कर धरना देने की जानकारी पर टांडा के एसडीओ राजदीप सिंह और स्वार बिजलीघर के जेई नौशाद हुसैन धरना स्थल पर पहुंचे। एसडीओ ने आरोपियों के खिलाफ तीन दिन में उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कर्मचारियों से काम शुरू करने के लिए कहा। इस पर कर्मचारी मान गए और धरना समाप्त कर दिया। कर्मचारियों का धरना करीब दो घंटे तक चला।
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बिजली कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट की घटना की निंदनीय है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन दिन का समय दिया है।
- राजदीप सिंह, एसडीओ
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बुधवार की रात बिजली कटौती की समस्या लेकर कुछ लोगों के साथ मैं बिजलीघर गया था। इस दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट का आरोप निराधार है।
- अंकुश चौधरी, भाजयुमो जिला मंत्री
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