मुरादाबाद। विजय दशमी पर रावण दहन से पहले ही शहर का वायु प्रदूषण लाल निशान पर पहुंच गया है। इसमें पीएम 2.5 का स्तर कुछ समय के लिए मैरून रंग का हो गया। रविवार शाम छह बजे वायु प्रदूषण 367 एक्यूआई दर्ज किया गया। प्रदेश के दस प्रदूषित शहरों में मुरादाबाद छठे स्थान पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक ऐसी स्थिति में रहने पर सांस की बीमारी हो सकती है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्र का कहना है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक का बढ़ना हमारे लिए चिंताजनक है। रविवार को मुरादाबाद शहर के साथ देहात के क्षेत्रों में भी प्रदूषण अधिक रहा।
रविवार को दिनभर वायु गुणवत्ता सूचकांक साढ़े तीन सौ के ऊपर रहा। सुबह नौ बजे एक्यूआई 351 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था, जो शाम को छह बजे 367 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया। इसमें सबसे खराब स्थिति पीएम 2.5 की थी। अधिकतम स्तर 426, औसत 365 और न्यूनतम 337 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार पीएम 2.5 का मानक 30 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर है। इस लिहाज से यह मानक से 14 गुना अधिक तक हो गया। पीएम 10 का अधिकतम स्तर 374, न्यूनतम 197 और औसत 279 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विकास मिश्र ने बताया कि तापमान कम होने और हवा की गति धीमी होने की वजह से प्रदूषित कण वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। वह धुंध के रूप में एक परत बनाकर वातावरण में हैं। सिर्फ शहर ही नहीं बल्कि शहर से 20 से 25 किलोमीटर बाहर तक के क्षेत्र में यह धुंध है। इसको कम करने के लिए नगर निगम की ओर से सड़कों पर पानी डाला जा रहा है।
प्रदेश के प्रदूषित शहर
शहर एक्यूआई
ग्रेटर नोएडा 419
गाजियाबाद (लोनी) 417
मेरठ (पल्लवपुरम) 390
बुलंदशहर 373
लखनऊ (लालबाग) 372
मुरादाबाद 367
नोएडा 367
बागपत 363
हापुड़ 323
आगरा 309
कानपुर 275