कटघर थानाक्षेत्र के गोट गांव के जंगल में बुधवार रात गोवंशीय पशु को काटने में पिता पुत्र समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस काटे गए पशु के कान में पड़े टैग (छल्ले) के जरिये मालिक तक पहुंची। उससे पूछताछ के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। इस मामले में फरार दो आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि 23 मार्च की रात कटघर पुलिस को सूचना मिली थी कि गोट गांव के जंगल में गोवंशीय पशु काट दिया गया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी फरार हो गए। पुलिस को मौके से कटे हुए पशु के कान के टैग (छल्ला) मिला था। इस छल्ले पर दर्ज नंबर के जरिये पुलिस पशु के मालिक तक पहुंच गई। तब पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए शुक्रवार को गोट गांव निवासी कय्यूम, मुशाहिद, उसके दो बेटे मोहम्मद रफी और आले नवी, असलम, सुखा और मूंढापांडे थानाक्षेत्र के सक्टू नगला निवासी राजा उर्फ अब्बास गिरफ्तार कर लिया। जबकि, सक्टू नगला निवासी नवाब और रहीस फरार हो गए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कुल्हाड़ी, छुरे, टार्च व रस्सी समेत अन्य औजार बरामद किए हैं। शुक्रवार शाम पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शादी समारोह के लिए काटा था गोवंशीय पशु
मुरादाबाद। एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना के एक दिन बाद गोट निवासी मुशाहिद के बेटे की शादी थी। शादी समारोह में आए मेहमानों के लिए गोवंशीय पशु काटा गया था। इसके लिए आरोपियों ने कय्यूम को एडवांस में साढ़े चार हजार रुपये दिए थे।
ये होता है टैग (छल्ला)
मुरादाबाद। पशु पालन विभाग पशुओं के कान में टैग (छल्ला) लग्राता है। इस टैग में 12 अंकों का एक विशेष नंबर होता है। जिसे पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इस नंबर के जरिये पशु के मालिक, पशु की नस्ल, नशु को टीका लगा है या नहीं आदि सभी जानकारी मिल जाती हैं।
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मतदान के बाद सक्रिय हो गए गोकशी के आरोपी
मुरादाबाद। चुनाव के दौरान पुलिस सख्ती के कारण पशु तस्करी और गोकशी की घटनाएं कम हुई थीं, लेकिन मतदान के बाद अचानक से इस घटनाओं में तेजी आ गई है। पिछले दिनों गलशहीद, मूंढापांडे, बिलारी और भोजपुर क्षेत्र में भी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।