मुरादाबाद। बच्चियों को उठाने के आरोप में पकड़े गए निर्यातक के चालक पर पुलिस मेहरबान हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामूली धाराओं में केस दर्ज कर खानापूर्ति कर दी। इतना ही नहीं एफआईआर में पीड़ित बच्चियों का जिक्र तक नहीं किया। जिसका नतीजा ये रहा है कि आरोपी कोर्ट में खड़े खड़े जमानत मिल गई।
महानगर भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजयलक्ष्मी पंडित और महामंत्री हेमा खत्री शनिवार रात एक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही थीं। उन्होंने इंपीरियल तिराहे के पास देखा कि एक युवक तीन बच्चियों को लग्जरी कार में बैठा रहा था। जबकि बच्चियों गरीब परिवारों की लग रही थीं। भाजपा नेत्री को शक हुआ और उन्होंने युवक से पूछताछ की। इसके बाद युवक मौके से भागने लगा। भाजपा नेत्री ने उसकी कार के आगे अपनी गाड़ी लगा दी थी और उसे पकड़ कर स्टेशन परिसर में ले गईं थीं। इसके बाद बच्चियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया था कि यह युवक उन्हें रोजाना चीज दिलाने के बहाने कार में बैठाकर ले जाता है। बच्चियों ने भी बताया था नशा देकर उसके साथ गलत काम किया जाता है। इसके बाद चालक छोड़कर चला जाता है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और आरोपी युवक को अपने साथ कोतवाली ले गई थी। पूछताछ में युवक ने अपना नाम लोक बहादुर बताया। लोक बहादुर मूलरूप से नेपाल के बांके जनपद के शमशेरगंज निवासी है। यहां कटघर के दस सराय करुला के पास रहता है। इसके अलावा वह निर्यातक का चालक है। इतना गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मामूली धाराओं में केस दर्ज किया है। बुध बाजार चौकी प्रभारी अमित सिंह तोमर की तहरीर पर आरोपी लोकबहादुर के खिलाफ धारा 294 तथा 509 में केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में बच्चियों का भी जिक्र नहीं किया गया है। इतना नहीं जिस निर्यातक के लिए चालक बच्चियों को ले जाने की बात सामने आई है। उसका भी नाम नहीं खोला गया है। सोमवार दोपहर बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जमानत मिल गई।
यह है पुलिस की पुलिस की कहानी
पुलिस ने एफआईआर में दावा है कि आरोपी लोकबहादुर रेलवे स्टेशन के सामने आती-जाती महिलाओं पर अश्लील फब्तियां कस रहा था और अश्लील हरकतें भी कर रहा था। लोगों की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया और कोतवाली ले आई। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई।
पुलिस गंभीरता दिखाती तो सामने आ सकता था बड़ा मामला
मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन के आस पास भीख मांगने वाली बच्चियों को उठाकर उनके साथ गलत काम किए जाने की बात सामने आने के बाद भी पुलिस ने गंभीर नहीं दिखाई। एफआईआर में बच्चियों का जिक्र तक नहीं किया। अगर पुलिस इस मामले में गंभीरता दिखाती तो कुछ और भी लोगों के नाम सामने आ सकते थे। जिस निर्यातक के लिए बच्चियों को उठाने की बात सामने आई थी। पुलिस ने उससे भी पूछताछ नहीं की।
रेलवे स्टेशन पर घूम रहीं बच्चियों, पुलिस को नहीं मिलीं
मुरादाबाद। पीड़ित बच्चियों रेलवे स्टेशन पर घूम रही हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि बच्चियां नहीं मिल रही हैं। अगर पुलिस ने बच्चियों के बयान दर्ज करने के बाद एफआईआर दर्ज की होती थी तो और भी सामने सामने आ सकते थे।
इन धाराओं में केस
294 आईपीसी (किसी सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकतें करना) तीन माह का कारावास और आर्थिक जुर्माना
509 आईपीसी( किसी स्त्रि की लज्जा का अनादर करने के आशय से कोई शब्द कहना), तीन साल की सजा और आर्थिक जुर्माना
पुलिस की ओर से केस दर्ज किया गया है। बच्चियों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अनिल यादव, एएसपी