रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी के मामले में अदालत ने वादी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। पिछली तारीख पर हाजिर न होने पर अदालत ने ये कार्यवाही की है। अब इस मामले में 12 अप्रैल को सुनवाई होगी।
रामपुर निवासी पूर्व मंत्री निसार हुसैन के बेटे मुस्तफा हुसैन ने रामपुर के सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि 30 जून 2019 को मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कॉलेज में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में रामपुर के तत्कालीन सांसद आजम खां, उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, रामपुर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद अजहर खां, संभल के सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां और आयोजक सैयद आरिफ हसन मौजूद थे। समारोह के दौरान रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा के ऊपर अभद्र टिप्पणी की गई थी। जिसमें रामपुर के पूर्व चेयरमैन मोहम्मद अजहर खां ने पिछली तिथि पर अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। जिन्हें अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
इस मामले की सुनवाई एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि मुकदमे के गवाह और वादी मुस्तफा हसन को कई बार अदालत ने समन के माध्यम से तलब किया गया था। किंतु वह गैरहाजिर रहे हैं। बार-बार तलब करने के बाद भी उपस्थित न होने की वजह से मंगलवार को अदालत ने मुस्तफा के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि मोहम्मद अजहर की ओर से डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है। मुकदमे में सुनवाई के लिए आगामी 12 अप्रैल नियत कर दी है।