आफत बन कर आई बारिश का असर अब भी दिख रहा है। शहर की कई काॅलोनियों में जलनिकासी नहीं होने से लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे। जिन घरों और दुकानों में पानी भर गया था वह लोग सोमवार को अपने घर-दुकानों की सफाई करते नजर आए। वहीं कुछ लोग भीगे सामानों को सुखाते रहे। कई कॉलोनियों में भरा पानी नालों के ओवरफ्लो होने के कारण नहीं निकल सका।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने रामगंगा विहार में चल रहे सीवरेज कार्य का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों से पूछताछ की। इसके बाद सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट के पीछे बह रही रामगंगा नदी का भी जायजा लिया। रामगंगा नदी के पास नाले की पुलिया टूटी होने पर डीएम ने नगर आयुक्त से उसको ठीक कराने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने बताया कि पुलिया सिंचाई विभाग ने बनवाया था।
बारिश के कारण मूंढापांडे-रामपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर जलभराव की समस्या सोमवार सुबह आठ बजे समाप्त हुई। 15 घंटे बाद मुरादाबाद-बरेली रेलमार्ग की अप लाइन पर संचालन शुरू हुआ। रविवार रात को अप लाइन की आठ ट्रेनें निरस्त की गई थीं। जबकि तीन ट्रेनों को वाया चंदौसी चलाया गया था।
सोमवार को सभी ट्रेनें बहाल कर दी गई हैं। रविवार को मेरठ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस को बरेली में ही निरस्त करना पड़ा था। इस वजह से 11 सितंबर को लखनऊ के लिए इसका संचालन बरेली स्टेशन से ही करना पड़ा। काठगोदाम-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस रविवार को रामपुर में निरस्त कर दी गई थी।
सोमवार को इसका संचालन नई दिल्ली तक हुआ। सियालदह, पंजाब मेल व गंगा सतलुज एक्सप्रेस एक्सप्रेस रविवार को बरेली कैंट-चंदौसी होकर मुरादाबाद पहुंची थीं। सोमवार को इनका संचालन सामान्य रहा।
इन ट्रेनों के अलावा काठगोदाम-देहरादून, काठगोदाम-जैसलमेर, रामनगर-मुरादाबाद, बालमऊ-शाहजहांपुर, सीतापुर सिटी-शाहजहांपुर, नई दिल्ली-काठगोदाम एक्सप्रेस व मुरादाबाद-संभल हातिम सराय, संभल हातिम सराय-मुरादाबाद पैसेंजर को बहाल कर दिया गया है।