मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक होने की आशंका व्यक्त की जा रही है, लेकिन जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में एमबीबीएएस चिकित्सकों को सीएचसी पर तैनात किया जाएगा जो बच्चों की देखभाल करेंगे। जिला अस्पताल पर एक बाल रोग विशेष है। जबकि चार सीएचसी पर कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर जिले से बाल रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था की जाएगी।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बेड और ऑक्सीजन की किल्लत से काफी मरीजों और तीमारदारों को जूझना पड़ा था। संभावित तीसरी लहर में इस तरह की कोई समस्या न हो, इसलिए मुरादाबाद जनपद के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। डिलारी और मूंढापांडे में ऑक्सीजन प्लांट आ चुका है, जबकि कुंदरकी और शरीफ नगर में जल्द ही प्लांट आने की संभावना है। बच्चों के लिए खतरनाक मानी जा रही इस लहर को लेकर तैयारी की जा रही हैं। सभी सीएचसी पर 30-30 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की है। इनमें से 12-12 बेड बच्चों के लिए हैं। लेकिन केंद्रों पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं।
सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग ने बताया कि बिलारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती थी, लेकिन उनका भी स्थानांतरण हो गया है। हर सीएचसी पर चार-चार एमबीबीएस चिकित्सक नियुक्त हैं, ताकि 24 घंटे के हिसाब से उनकी ड्यूटी लगाई जा सके। लेकिन हर सीएचसी पर एक बाल रोग विशेषज्ञ होना चाहिए। जो फिलहाल नहीं है। यदि कोई विशेषज्ञ आता है तो सरकार ने उसे सीधे लेवल-2 के स्तर पर ज्वाइन कराने की सुविधा दी है। सभी केंद्रों पर वेंटिलेटर, वाइपेप और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के संचालन के लिए दो-दो ओटी तकनीशियन की नियुक्ति कर दी गई है। उनको प्रशिक्षण भी दे दिया गया है। यदि तीसरी लहर से पूर्व बाल रोग विशेषज्ञ नहीं आते हैं और बच्चों के बीमार होने के मामले आते हैं जो जिला अस्पताल से बाल रोग विशेषज्ञ भेजे जाएंगे।