मो. रफी ने सौंपी थी ऑडियो और वीडियो
मो. रफी ने खनन अधिकारी से कई बार मुलाकात की थी। वह अपना मोबाइल का कैमरा ऑन करने के बाद खनन अधिकारी के कार्यालय में जाते थे। जिसमें खनन अधिकारी और उनके कर्मचारी शाहरुख कैमरे के सामने घूस मांगते कैद हो गए थे। इसके अलावा ऑडियो में भी पैसे के लेनदेन की बात चल रही थी। मो. रफी ने बातचीत की ऑडियो और वीडियो भी एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों को सौंपी थी।
बाबू की संपत्ति की भी होगी जांच
खनन अधिकारी राहुल सिंह ने संविदाकर्मी शाहरुख पाशा को लोगों से बातचीत की जिम्मेदारी सौंप रखी थी। कोई व्यक्ति खनन अधिकारी से बात करने आता था तो वह उसे शाहरुख पाशा के पास भेज देते थे। शाहरुख लोगों से ऐसे बात करता था जैसे वह खुद ही खनन अधिकारी है।
मो. रफी से भी शाहरुख ने ऐसे ही लहजे में बात की थी। उसने मो. रफी को यह कहकर धमकाया था कि कार्यालय में कई कर्मचारी हैं, लेकिन खनन अधिकारी ने मेरे ही पास क्यों भेजा है। अमरोहा जनपद के डिडौली थाना क्षेत्र के खइया माफी निवासी शाहरुख पाशा 26 अगस्त 2019 को संविदा पर बाबू के पद पर नियुक्त हुआ था।
इस नियुक्ति के बाद उसने अमरोहा में हाईवे पर जमीन भी खरीदी है। जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि खनन अधिकारी और संविदा कर्मी की संपत्ति की भी जांच की जाएगी।
खनन अधिकारी के कार्यालय में मचा हड़कंप
जिला खनन अधिकारी कार्यालय में संविदा कर्मी शाहरुख को घूस लेते पकड़े जाने की खबर फैली तो कार्यालय में हड़कंप मच गया। इसी बीच जिला खनन अधिकारी मौके से भाग निकले और कई कर्मचारी भी कार्यालय से निकलकर कचहरी में पहुंच गए।
टीम के सदस्य शाहरुख को पकड़कर कार्यालय से बाहर निकली और उसके मुंह पर सफेद गमछा डालकर कार में बैठाकर सिविल लाइंस थाने ले गए। मात्र बीस हजार की सैलरी पाने वाले शाहरुख पाशा ने कुछ दिन पहले ही अपनी मंगनी की थी। एक बड़े होटल में पार्टी दी थी। इस पार्टी में शाहरुख ने लाखों रुपये खर्च किए थे।