मुरादाबाद। रोडवेज के यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ने और दुरुस्त बसों की संख्या घटने से अधिकारियों का तनाव बढ़ रहा है। रक्षाबंधन पर मुरादाबाद परिक्षेत्र में 650 बसें चलीं थीं, जबकि वर्तमान में 430 बसें ही रूट पर दौड़ रही हैं। ऐसे में प्रबंधन ने दिवाली से पहले सभी बसों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरेंडर बसों को भी त्योहार से पहले ऑन रूट करने की तैयारी है।
मुरादाबाद समेत विभिन्न परिक्षेत्रों में काफी बसें सामान के अभाव में कार्यशाला में खड़ी हैं। पिछले वर्ष की तुलना में अनुबंधित बसों की संख्या भी काफी कम हो गई है। अकेले पीतलनगरी डिपो से 12 अनुबंधित बसें हट गई हैं। ऐसे में त्योहारों पर व्यवस्थाएं बनाने में परिवहन निगम को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखकर निगम ने बसों की मेंटिनेंस को प्राथमिकता देकर कार्यशाला से रूट पर लाने की तैयारी कर ली है।
परिक्षेत्रों में सामान की सप्लाई शुरू हो गई है, हालांकि जरूरत के अनुपात में यह काफी कम है। वहीं, 31 अक्तूबर से कांठ का बस अड्डा भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे में निगम को बसों और स्टाफ दोनों की आवश्यकता है। फिलहाल बसों की संख्या कम होने के कारण काफी चालक-परिचालकों को बस अड्डों पर खाली बैठना पड़ रहा है। वहीं, कई परिचालकों को कार्यालय के काम में भी लगाया गया है। आरएम दीपक चौधरी ने बताया कि त्योहारों के दृष्टिगत बसों की मेंटिनेंस का काम तेज कर दिया गया है। मुख्यालय से सामान की आपूर्ति जारी है।