मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान जिले के सभी आठ विकास खंडों में से सात विकास खंडों में दो करोड़ रुपये से अधिक के वाटर कूलर खरीदे गए। शासन की टीम ने जिन दो विकास खंडों के बीस गांवों की जांच की है, उसमें माना है कि वाटर कूलरों की खरीद में करीब 1.25 लाख रुपये प्रति वाटर कूलर अधिक मूल्य पर खरीदे गए हैं। यह धनराशि खरीद मूल्य के रूप में किए गए भुगतान से लगभग आधी है। जिले के आठ में से सात विकास खंडों में दो करोड़ रुपये से अधिक धनराशि से 87 वाटर कूलर खरीदे गए। ऐसे में करीब एक करोड़ रुपये का गोलमाल सिर्फ वाटर कूलरों की खरीद में ही हुआ है। खास बात यह है कि जिस विकास खंड के प्रशासक स्वयं पूर्व डीपीआरओ राजेश कुमार रहे, अकेले उस ब्लाक में ही 57 लाख रुपये से अधिक के वाटर कूलर खरीदे गए।
प्रशासकों के कार्यकाल में जिले के आठ विकास खंडों में से छजलैट विकास खंड में किसी एडीओ पंचायत के नहीं होने के कारण उस विकास खंड के प्रशासक की बागडोर खुद तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार के हाथ में रही। जिले के जिन आठ विकास खंडों में से दो विकास खंडों में सबसे अधिक वाटर कूलरों की खरीद आनन-फानन में की गई, उनमें छजलैट विकास खंड दूसरे पायदान पर रहा। इस विकास खंड में 23 वाटर कूलरों का भुगतान प्रति वाटर कूलर 2,48,925 रुपये की दर से किया गया है। इस प्रकार छजलैट विकास खंड में करीब 57,25,275 रुपये के वाटर कूलर खरीदे गए। शासन की जांच टीम जिले के मूंढापांडे और कुंदरकी विकास खंड क्षेत्र के जिन बीस गांवों में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान खर्च की गई धनराशि की जांच की है, उसमें पाया है कि प्रति वाटर कूलर 1.25 लाख रुपये का अधिक भुगतान किया गया है।
प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान जिले के आठ विकास खंडों में से सिर्फ ठाकुरद्वारा विकास खंड को छोड़ शेष अन्य विकास खंडों में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक के वाटर कूलर प्रति वाटर कूलर 2,48,925 रुपये के दर से खरीदे गए। इससे साफ है कि जिले में प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान सिर्फ वाटर कूलरों की खरीद में ही करीब एक करोड़ रुपये से अधिक का गोलमाल किया गया है।
अब देखना यह है कि प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ उन्हीं बीस ग्राम पंचायतों तक ही सीमित रहेगी, जिसकी जांच शासन कर चुकी है या फिर जिले की उन सभी ग्राम पंचायतों से संबंधित सचिवों व एडीओ के खिलाफ भी विभागीय अधिकारी, प्रशासन अथवा शासन स्तर से निलंबन व वसूली की कार्रवाई की जाएगी जहां वाटर कूलरों की खरीद हुई है।
किस विकास खंड में कितने खरीदे गए वाटर कूलर
ब्लाक वाटर कूलर फर्म
डिलारी 29 कार्तिक इंटर प्राइजेज
छजलैट 23 कार्तिक इंटर प्राइजेज
मुरादाबाद 09 कार्तिक इंटर प्राइजेज
मूंढापांडे 09 कार्तिक इंटर प्राइजेज
बिलारी 06 ओम ट्रेडर्स
भगतपुर टांडा 04 कार्तिक इंटर प्राइजेज
कुंदरकी 07 ओम ट्रेडर्स
ठाकुरद्वारा 00 00 00
जिस ब्लाक में फर्म का पता बताया, वहां वाटर कूलर नहीं लगाया
मुरादाबाद। जिले के आठ विकास खंडों में से सात विकास खंडों में वाटर कूलरों की खरीद की गई। यह खरीद केंद्रीयकृत रूप से बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के की गई थी। लिहाजा तत्कालीन डीपीआरओ कूलर आपूर्ति करने वाले फर्म का काफी समय तक नाम व पता तक छिपाते रहे। कमिश्नर को पत्र लिख कर इसकी डिटेल मांगनी पड़ी, तब कहीं मामला खुला कि संबंधित फर्म ठाकुरद्वारा की है। खास बात यह है कि वाटर कूलर सप्लाई करने वाली फर्म का कार्यालय जिस ब्लाक में तत्कालीन डीपीआरओ ने बताया उस विकास खंड में एक भी वाटर कूलर नहीं खरीदा गया।