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पंचायतनामा: डीएम के आदेश के बाद भी गड़बड़ी की जांच से कतरा रहे अधिकारी

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मुरादाबाद। पंचायतीराज विभाग के अधिकारी डीएम के आदेश का पालन करने से कतरा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला विकास खंड डिलारी की ग्राम पंचायत अहमदपुर आनंदपुर में सामने आया है। यहां के ग्रामीणों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण कराए जाने वाले शौचालयों के लिए आई रकम को डकारने का आरोप पूर्व प्रधान व सचिव पर लगाया है। डीएम के आदेश पर डीपीआरओ ने चार सदस्यीय जांच टीम का गठन कर जांच के निर्देश भी दिए थे, लेकिन टीम ने अब तक जांच शुरू नहीं की है। इससे पंचायतीराज विभागकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग गया है।
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ग्राम निवासी मोहम्मद आरिफ, यामीन, दिलशाद, इकरार और इशरत समेत कई ग्रामीणों ने नौ सितंबर 2021 को डीएम के समक्ष उपस्थित होकर उन्हें शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें वर्ष 2016-17 और 2017-18 में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत बिना शौचालयों निर्माण के धनराशि निकालने का आरोप तत्कालीन ग्राम प्रधान और सचिव पर लगाया गया था। शपथ पत्र के साथ ग्रामीणों द्वारा की गई इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने डीपीआरओ को चार सदस्यीय समिति गठित कर मामले की जांच करा रिपोर्ट देने को कहा था। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण अत्री, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) मुरादाबाद आमोद कुमार शर्मा, एडीओ (पंचायत) डिलारी चंद्रपाल सिंह तथा जिला कंसल्टेंट एसबीएम सुधीर कुमार को 17 सितंबर 2021 को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए टीम से गांव में पहुंच डोर टू डोर शत प्रतिशत सत्यापन करते हुए रिपोर्ट 22 सितंबर 2021 तक सौंपने के आदेश दिए थे, लेकिन टीम ने अभी जांच भी शुरू नहीं की है। जबकि, डीपीआरओ द्वारा रिपोर्ट देने की निर्धारित तिथि को गुजर हुए भी दस दिन हो गए हैं। इससे शिकायतकर्ताओं में रोष है। डीपीआरओ ने जांच में हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए टीम में शामिल अधिकारियों का स्पष्टीकरण तलब किया है। इधर जांच टीम के मुखिया अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अरुण अत्री ने बताया कि जांच के लिए संबंधित सचिव से कुछ अभिलेख मांगे थे। जो संबंधित सचिव अभी उपलब्ध नहीं करा सका है। इसी के चलते जांच में कुछ देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही टीम ग्राम पंचायत में पहुंच कर मामले की जांच कर रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंप देगी।
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