विभागीय कार्य में लापरवाही बरतने और चुनाव मतदान ड्यूटी पर नहीं जाने के आरोप में जिला पंचायतराज अधिकारी ने बिलारी ब्लॉक के एक पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है।
ब्लॉक बिलारी के एडीओ पंचायत कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला पंचायतराज अधिकारी आलोक कुमार प्रियदर्शी की ओर से जारी पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार का निलंबन आदेश ब्लॉक कार्यालय को मिल गया है। निलंबन आदेश में बताया गया है कि मुरादाबाद देहात विधानसभा सीट के रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से 13 फरवरी को डीपीआरओ को रिपोर्ट भेजकर कहा गया था कि पोलिंग पार्टियों की रवानगी के समय बिलारी के पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार मतदान ड्यूटी पर नहीं गए और रवानगी स्थल पर ही शराब का सेवन कर लिया था।
डीपीआरओ ने पंचायत सचिव का यह कृत्य उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करना, सरकारी कार्य के प्रति लापरवाही दिखाना और चुनाव कार्य से गैरहाजिर होना घोर लापरवाही है। डीपीआरओ ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के निर्धारित नियम के तहत शैलेंद्र कुमार का निलंबन आदेश जारी कर दिया और उन्हें डीपीआरओ कार्यालय से ही संबद्ध करते हुए अपर डीपीआरओ को जांच अधिकारी नामित कर दिया।
एडीओ पंचायत शिवकुमार भटनागर ने बताया कि अब तक शैलेंद्र कुमार नरायनपुर भूड़ावास, नवैनी गद्दी, कमालपुर, सादिकपुर आदि ग्राम पंचायतों में सचिव का कार्य देख रहे थे। उनका निलंबन आदेश मिल जाने के बाद इन पंचायतों में किसी अन्य सचिव की तैनाती की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल हुए पंचायत सचिव को बिलारी ब्लॉक की पूर्ववत ग्राम पंचायतें ही मिलेंगी। ब्लॉक में तैनात पंचायत सचिव सुरेंद्र सिंह के कुंदरकी ब्लॉक कार्यालय में तैनाती के दौरान प्रशासक कार्यकाल में अनियमितताओं आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
पंचायत सचिव ने निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से उन्हें निलंबन आदेश के खिलाफ स्थगन आदेश मिल गया। एडीओ पंचायत शिवकुमार भटनागर ने बताया कि जिला विकास अधिकारी के 15 मार्च के आदेश के अनुसार सुरेंद्र सिंह बिलारी ब्लॉक में ही पंचायत सचिव के रूप में तैनात रहेंगे। एडीओ ने यह भी बताया कि सुरेंद्र सिंह के पास जो पूर्व से ग्राम पंचायतें रुस्तमनगर सहसपुर, मिठनपुर महेश, ग्वारखेड़ा, अहलादपुर करार और नियामतपुर रही हैं, वह दोबारा सुरेंद्र सिंह को सौंपी जाएंगी।