पीड़ित असगर ने फर्जी कनेक्शन को समाप्त करने के लिए मामले की शिकायत डीएम व बिजली विभाग के आला अधिकारियों से की। लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। आरोप है कि तीन अगस्त 2022 को असगर अपनी पत्नी नाजरा के साथ हसनपुर एसडीओ कार्यालय पहुंचा। यहां मौजूद तत्कालीन एसडीओ अजीत ने दंपती को धक्के मार कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। उनकी साथ मारपीट की। झूठे मुकदमे फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इसके अलावा एसडीओ अमित प्रताप सिंह, एक्सईएन अनिल कुमार, जेई जितेंद्र कुमार और खुद को सप्लाई इंस्पेक्टर बताने वाले संजीव उर्फ टीटू आए दिन दंपती को धमकी दे रहे हैं। उनके द्वारा शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं शिकायत वापस नहीं लेने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।
बिजली अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। 8 मार्च 2023 को बिजली कर्मियों ने दंपती के साथ मारपीट की। पचास हजार रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी दी। बाद में पीड़ित दंपती ने अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमर प्रताप चौधरी ने हसनपुर कोतवाली पुलिस को एक्सईएन अनिल प्रताप, एसडीओ अमित प्रताप, तत्कालीन एसडीओ अजीत, जेई जितेंद्र कुमार और संजीव उर्फ टीटू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सात दिन के भीतर प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में तालाब की है।