मुरादाबाद। मुरादाबाद में एक इन्वर्टर कारीगर के पैन नंबर से दो फर्म खोलकर जालसाजों ने सोलह करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर डाला। व्यापारी के पास आयकर विभाग नोटिस आया तो मामले का खुलासा हुआ। दोनों पर फर्म व्यापारी इन्वर्टर कारीगर के नाम पर ही संचालित की जा रही थीं। कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गुलाब गली, दीनदारपुरा निवासी चंद्रशेखर रस्तोगी की अमरोहा गेट फल मंडी में जन सुविधा केंद्र और बैटरी इन्वर्टर रिपेयरिंग की दुकान है। चंद्रशेखर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपना पैन कार्ड बनवा रखा है। जिसके जरिए वह पिहले दस साल से इनकम टैक्स रिटर्न भरते आ रहे हैं। नंवबर माह में भी उन्होंने 2020-21 के लिए आईटीआर फाइल किया। चंद्रशेखर ने बताया कि 28 मार्च को उनके पास इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस आया।
नोटिस से पता चला कि चंद्रशेखर के पैन कार्ड से सीआर इंटर प्राइजेज एकता कॉलोनी, ढक्का रोड, थाना मझोला और सीआर इंटर प्राइजेज संजय विहार, दक्षिणी दिल्ली के नाम से दो फर्म खोली गईं हैं। इन दोनों फर्मों ने करीब 16 करोड़ 18 लाख 99 हजार 330 रुपये का कारोबार किया। नोटिस देखकर चंद्रशेखर के होश उड़ गए।
उन्होंने अपने वकील से संपर्क कर इस मामले में सलाह ली। इसके बाद उन्होंने जीएसटी दफ्तर जाकर दोनों फर्मों के बारे में जानकारी की। पता चला है कि दोनों फर्म चंद्रशेखर के नाम पर संचालित हो रही हैं। सीओ कोतवाली इंदू सिद्धार्थ ने बताया कि चंद्रशेखर की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। इस संबंध में आयकर और जीएसटी विभाग से भी जानकारी मांगी गई है।
इन्वर्टर कारीगर हैं चंद्रशेखर
चंद्रशेखर ने बताया कि वह इन्वर्टर रिपेयर कारीगर हैं। उन्होंने कभी भी कोई फर्म नहीं बनाई और न ही फर्मों के बारे में कुछ भी जानते हैं। किसी ने जालसाजी कर उनके पैन कार्ड के आधार पर फर्जी पैनकार्ड तैयार कर फर्मों का खाता खुलवाया और कारोबार किया। चंद्रशेखर ने एसएसपी से इस मामले की शिकायत की थी। अब पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बैंक खातों से खुलेगा राज
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। व्यापारी चंद्र शेखर के पैन नंबर से जीएसटी नंबर जारी कराकर करोड़ों का कारोबार करने वाले आरोपियों की तलाश में पुलिस जुट गई है। इसके लिए पुलिस जीएसटी और आयकर विभाग से उन फर्मों की डिटेल निकलवा रही है जिनसे कारोबार दिखाया गया है। इसके बाद ही साफ होगा कि इन फर्मों से कहां माल भेजा गया और कहां से माल मंगवाया गया। इसके साथ ही किन बैंक खातों में रकम जमा की गई, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
--
वर्जन
दूसरे व्यक्ति के पैन नंबर से जीएसटी नंबर लेना अपराध है। इस मामले में केस दर्ज कर आईटी सेल में भी इसकी जानकारी दी जाएगी, ताकी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी तो पूरा मामला साफ हो जाएगा।
- दीपक अग्रवाल, अधिवक्ता
--
इंसेट :
भोजपुर में फर्जी फर्म दिखाकर किया दस करोड़ का कारोबार
मुरादाबाद। भोजपुर थानाक्षेत्र में भी टैक्स चोरी का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। यहां दिल्ली की एक महिला ने फर्जी फर्म बनाकर करीब दस करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया था। महिला ने 1.67 करोड़ रुपये सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के रूप में ले लिए। वाणिज्य कर अधिकारी (विशेष अनुसंधान शाखा) दीपक मल्होत्रा की ओर से 18 जून को फर्म स्वामिनी पूनम निवासी करोल बाग दिल्ली के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इन बातों का रखें ध्यान ::
- अपना पैन कार्ड नंबर या उसकी फोटो कॉपी किसी को न दें
- पैन कार्ड नंबर के संबंध में कोई जानकारी कॉल या ओटीपी को साझा न करें
- सार्वजनिक साइट या व्हॉट्स एप मैसेज या साधारण संदेश में अपनी जानकारी न दें
- बैंक खाते, पैन, यूजर आईडी, नेट बैंकिंग को किसी से साझा न करें
- यदि आप आयकर या जीएसटी किसी से फाइल कराते हैं तो अपने पास उसका पासवर्ड रखें और खुद भी चेक करें