मुरादाबाद। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। एनआरसी में सिर्फ एक बच्चा भर्ती मिला। वहीं, डॉक्टर सहित तीन स्टाफ गैरहाजिर मिले, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंगलवार को डीएम अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए, जहां ओपीडी का जायजा लिया। डीएम ने मरीजों के स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। कुछ मरीजों ने आठ नंबर में डॉक्टर के नहीं बैठने की शिकायत की। इसके बाद वह एनआरसी पहुंचे, जहां एक बच्चा मोहम्मद जियान भर्ती मिला। डीएम ने नाराजगी जाहिर की। स्टाफ नर्स रंजीता ड्यूटी पर उपस्थित पाई गईं, जबकि डॉ. वंदना श्रीवास्तव को 22 से 25 नवंबर तक आकस्मिक अवकाश पर होना बताया गया। डायटिशियन के बारे में यूनिसेफ के परामर्शदाता ने बताया कि वह किसी भी दिन समय से उपस्थित नहीं होती हैं। कभी भी अपना कार्य समय से पूर्ण नहीं करती हैं। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अभिलंब कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, स्टाफ नर्स सावित्री 15 दिनों से ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गईं। रसोई में खाद्य सामग्री का रखरखाव ठीक से नहीं था। डीएम ने टीकाकरण केंद्र में लाभार्थियों की संख्या अधिक होने पर एक अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित करने के आदेश दिए, ताकि लाभार्थियों का टीकाकरण के लिए इंतजार न करना पड़ा। इस दौरान सीडीओ आनंद वर्धन, सीएमओ डॉ. एमसी गर्ग, एसआईसी डॉ. शिव सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार मौजूद रहे।