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Moradabad News: गन्ने में रोग लगने से जिले के एक लाख किसान परेशान

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मुरादाबाद। गन्ने में लाल सड़न सहित अन्य रोगों के लगने से जिले के एक लाख से अधिक किसानों की फसल बर्बाद हो गई। किसानों के साथ चीनी मिलों को भी कम उत्पादन से नुकसान पहुंचा है। साथ ही गन्ना का रकबा भी घट गया है। इस कारण गन्ना विभाग के अधिकारी बसंतकालीन गन्ना की बुआई नई किस्म की बीजों से कराने पर जोर दे रहे हैं।
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जिले में गन्ना किसानों की संख्या एक लाख 29 हजार है। किसानों ने 2023 में 82900 हेक्टेयर रकबे की भूमि पर गन्ने का उत्पादन किया। इसी समय लाल सड़न रोग शुरू हो गया। संक्रमण के चलते यह रोग कई खेतों तक पहुंच गया। किसानों ने रोगों को दूर करने के लिए कई तरकीब अपनाई, लेकिन उसका असर दिखाई नहीं दिया। फिर भी पेराई के लिए 163. 89 लाख टन गन्ना किसानों ने चीनी मिलों तक पहुंचाया। चीनी मिलों ने 16 लाख 74 हजार क्विंटल चीनी की उत्पादन किया। इसी प्रकार 2024 में गन्ने का रकबा घटकर 76 हजार 750 हेक्टेयर हो गया। चीनी मिलों ने 146.30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। मिलों ने 13 लाख 69 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। 2024 में लाल सड़न रोग के अलावा बिल्ट(उकठा) और टाव बोरन की चौथी अवस्था गन्ने की फसल में लग गई। इसी कारण एक लाख से अधिक किसानों की फसल तीनों रोगों की चपेट में आ गई। किसानों ने दुकानों से खरीदकर दवाओं का छिड़काव किया। गन्ना किसानों को कम उत्पादन और फसल पर लागत ज्यादा होने से काफी नुकसान पहुंचा। जिला गन्ना अधिकारी राम किशन का कहना है कि इस बार पहले ही किसानों के लिए नई प्रजातियों के गन्ने की बीज तैयार कराई गई है।

उत्पादन के अनुपात में शीरा घटा
जिले में बिलारी, बेलवाड़ा, अगवानपुर और रानी नागल चीनी मिलों ने 2024 में सात लाख 58 क्विंटल शीरे का उत्पादन किया है। पिछले साल चीनी मिलों ने 8.08 क्विंटल शीरे का उत्पादन किया था। चीनी की तुलना में इस साल शीरे का उत्पादन कम हुआ है।
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नई किस्म की बीज हो गई तैयार
गन्ना विभाग ने बसंतकालीन गन्ना की बुआई के लिए बीज तैयार कराया है। गन्ना बीजों को बोने वाले किसानों को चीनी मिलों की तरफ से भाड़ा और अन्य आर्थिक मदद दी जाएगी। जिले से रोगग्रस्त पुरानी गन्ना किस्म 0238 धीरे-धीरे बाहर की जा रही है। उसके स्थान पर नई वैरायटी का गन्ना बोया जाने लगा है। इस बार वसंत कालीन गन्ना बुआई में नई किस्म का बीज किसानों को मुहैया करवाया जा रहा है। उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह ने इस मामले मैं बैठक कर किसानों को जागरूक किया है। उप गन्ना आयुक्त सरदार हरपाल सिंह ने कहा है कि नई वैरायटी के बीज की उपलब्धता के साथ नर्सरी का भी निरीक्षण किया है। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित बीज का उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है।
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