मुरादाबाद। शासन से आई उच्चस्तरीय टीम ने शुक्रवार को भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में हुई गड़बड़ियों की जांच की। टीम ने लाभार्थियों के साथ शिकायतकर्ता विधायक रामवीर सिंह से भी बातचीत की। दूसरी ओर, जिलास्तरीय जांच में भ्रष्टाचार की बिसात पर दोबारा शादी कराने वाले एक एडीओ और करीब छह ग्राम पंचायत सचिवों पर गाज गिरना लगभग तय हो गया है। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गई है, जहां से एक दो दिन में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कुंदरकी और मूढ़ापांडे ब्लॉक क्षेत्र के 808 जोड़ों के विवाह कराने का दावा किया गया है। मूढ़ापांडे ब्लॉक में 562 शादियां कराई गईं। जांच रिपोर्ट में जिन 35 अपात्रों की शादी कराने की बात सामने आई है, उसमें 34 अकेले मूढ़ापांडे ब्लॉक के हैं और एक अपात्र कुंदरकी ब्लॉक का है। इन लोगों की पहले ही शादी हो चुकी थी। धन और उपहार दिलाने का लालच देकर इन्हें दोबारा विवाह वेदी पर बैठा दिया गया।
मूंढापांडे के सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण) प्रशांत सिंह व कुंदरकी के सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण) ललित कुमार को पहले से ही पद से हटाकर जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। अब जांच में मूढ़ापांडे ब्लॉक में सर्वाधिक गड़बड़ी पाए जाने के बाद एडीओ (समाज कल्याण) प्रशांत सिंह पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
सवाल उठा कि पंजीकरण कराने वाले जोड़ों के सत्यापन की जिम्मेदारी किसकी थी। पहला सत्यापन ग्राम पंचायत सचिवों को करना था। छह ग्राम पंचायत सचिवों ने जिनका सत्यापन किया, एडीओ को उनका फिर से सत्यापन करना था। मूढ़ापांडे के एडीओ व छह पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन या अन्य कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।
फिलहाल जिलास्तरीय जांच रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय से जिलाधिकारी अनुज सिंह के कार्यालय पहुंच चुकी है, जहां से अब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश होना है।
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डीएम-विधायक से भी मिले एसआईटी के अधिकारी
शासन के आदेश पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में भारी अनियमितताओं की जांच करने उप निदेशक (समाज कल्याण) अमरजीत सिंह, उपनिदेशक अनामिका सिंह व संयुक्त निदेशक अरुण पांडेय की टीम शुक्रवार को दूसरे दिन भी जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में अभिलेख खंगालती रही। टीम दोपहर को जिलाधिकारी अनुज सिंह से भी मिली। शाम को चार बजे कुंदरकी के विधायक रामवीर सिंह के साथ भी एसआईटी के अधिकारियों ने बातचीत की। इसके बाद टीम मूंढ़ापांडे ब्लॉक के भायपुर व सलेमपुर सहित तीन गांवों में पहुंची। लाभार्थियों से बातचीत की। टीम के सदस्य अमर जीत सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। लाभार्थियों सहित सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। टीम के सदस्य अमर जीत सिंह ने बताया कि अभी जांच चल रही है। अभी कुछ अधिक कहना जल्दबाजी होगी।