प्रदेश में मुरादाबाद सबसे ठंडा शहर है। गलन और कोहरा बढ़ने से स्कूलों में भी बच्चों की उपस्थिति बहुत कम हो गई है। शिक्षक अलाव जलाकर और चाय पिलाकर बच्चों को राहत देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी कोई फिक्र नहीं है। अवकाश करना तो दूर मंगलवार को समय बदलाव पर भी चर्चा नहीं की गई। वहीं, निजी स्कूलों ने बच्चों की सेहत को देखते हुए अपने स्तर से समय बदलना शुरू कर दिया है।
परिषदीय स्कूलों में बच्चे ठिठुरते हुए पहुंच रहे हैं। फर्नीचर की व्यवस्था न होने के कारण वह फटी हुई टाट-पट्टी पर बैठने को मजबूर होते हैं। सीमेंट का फर्श होने के कारण उनकी ठिठुरन और बढ़ जाती है। आंखों से लगातार पानी बहने और अंगुलियां नीली पड़ने के कारण पेन पकड़ना दूभर हो जाता है। शिक्षकों का कहना है कि बहुत से बच्चों को बुखार और निमोनिया की शिकायत हो गई है, जिसके कारण उनके अभिभावक उन्हें स्कूल नहीं भेज रहे हैं।
सामान्य दिनों में जिन स्कूलों में 80-90 छात्रों की उपस्थिति रहती थी, अब वह दस से 15 रह गई है। कुछ स्कूलों में तो पांच-छह ही बच्चे पहुंच रहे हैं। वहीं, स्प्रिंग फील्ड्स कालेज, आर्यंस इंटरनेशनल ने स्कूल खुलने का समय नौ बजे किया था। अब न्यू डेल्स स्कूल का समय बदलकर दस बजे कर दिया गया है। प्रिंसिपल का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
कोहरा नहीं दिखती है धूप सोमवार और मंगलवार सुबह कोहरे की घनी चादर छाई हुई थी। स्कूलों का समय भी सुबह नौ बजे से है। ऐसे में बच्चे सुबह नौ बजे के बजाय दोपहर खाने के समय तक स्कूल पहुंचे। शिक्षिकाओं का कहना है कि अनुपस्थिति से तो देर से आना ही बेहतर है।
इसलिए किसी भी बच्चे को डांट-फटकार नहीं लगाई जा रही है, लेकिन अधिकारियों को यह ठंड नजर नहीं आ रही है। उनका कहना है कि दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी हो जाती है और ठंड भी ज्यादा नहीं रहती। इसलिए अभी समय बदलाव या फिर अवकाश पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
स्कूलों में अवकाश घोषित करने अथवा समय में बदलाव करने के बारे में मंगलवार को डीएम से कोई बात नहीं हुई है। बुधवार को मौसम के अनुरूप इस संबंध में डीएम से चर्चा की जाएगी।
- संजय सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
मौसम की अभी स्कूलों में अवकाश घोषित करने जैसी स्थिति नहीं है। ठंड बढ़ने पर डीआईओएस और बीएसए को स्कूलों के समय में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। संभव है गुरुवार से समय में बदलाव हो जाए।
- राकेश कुमार सिंह, डीएम