मुरादाबाद। मुरादाबाद रेल मंडल में ट्रेनों के लिए दो बाईपास बनेंगे। पहला चंदौसी और दूसरा गजरौला में बनेगा। इससे ट्रेनों को एक स्टेशन पर रोककर इंजन की दिशा बदलने में समय खराब नहीं होगा। ट्रेनें सीधे पास हो सकेंगी। चंदौसी-अलीगढ़ लाइन पर गुमथल और मझोला स्टेशन आपस में जोड़े जाएंगे। जबकि गजरौला-बिजनौर लाइन पर बाईपास के जरिए कांकाठेर और शेरपुर हाल्ट स्टेशन को आपस में जोड़ा जाएगा।
दोनों बाईपास लाइनों की फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए मुरादाबाद मंडल को 15-15 लाख रुपये का बजट जारी हो गया है। देहरादून से प्रयागराज तक जाने वाली लिंक एक्सप्रेस को मुरादाबाद से अलीगढ़ पहुंचने में चार घंटे लगते हैं। बाईपास लाइन बनने के बाद यह सफर तीन घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे ट्रेन को चंदौसी में रोककर इंजन नहीं बदलना पड़ेगा बल्कि ट्रेन सीधे अलीगढ़ की ओर जा सकेगी। गजरौला से अलीगढ़ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन भी इसी लाइन से होकर गुजरेगी और जल्दी पहुंच जाएगी। इसी तरह मसूरी एक्सप्रेस को गजरौला से बिजनौर पहुंचने के लिए गजरौला में रुककर इंजन की दिशा बदलनी पड़ती है।
कांकाठेर और शेरपुर हाल्ट के बीच नई बाईपास लाइन बनने से देहरादून से दिल्ली जाने वाली मसूरी एक्सप्रेस और कोटद्वार से दिल्ली जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस को गजरौला स्टेशन पर रुकना नहीं पड़ेगा। इससे न सिर्फ यात्रियों के समय में बचत होगी बल्कि रेलवे के लिहाज से ईंधन और स्टाफ दोनों की बचत होगी। न सिर्फ यात्री ट्रेनें बल्कि मालगाड़ियों को भी इससे फायदा होगा।
लखनऊ से सहारनपुर तक बनेंगे 17 लूप
मालगाड़ियों की वजह से यात्री ट्रेनों को रास्ते में रोकना न पड़े, इसके लिए रेलवे 17 स्थानों पर लूप लाइन बनाने जा रहा है। करीब डेढ़-डेढ़ किलोमीटर की यह लूप लाइनें 17 स्थानों पर बनने से मालगाड़ियों को यहां खड़ा किया जा सकेगा। इससे मेन लाइन खाली रहेंगी और यात्री ट्रेनों का आवागमन सुगमता से होता रहेगा। काकोरी, रोजा, शाहजहांपुर समेत कई स्टेशनों के पास लूप लाइन के लिए जगह चिह्नित की गई है। पिंक बुक में इसके लिए बजट जारी किया गया है। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह नेशनल हाईवे पर ट्रकों के रुकने के लिए साइड में ले-लाइन बनाई जाती है। उसी तरह मालगाड़ियों के रुकने के लिए लूप लाइन बनाई जा रही हैं।
मुरादाबाद-शाहजहांपुर के बीच बदला जाएगा रेलवे ट्रैक, बढ़ेगी ट्रेनों की गति
मुरादाबाद से शाहजहांपुर के बीच करीब 150 किमी में पुराना रेलवे ट्रैक हटाकर नया रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा। नई पटरियां और सीमेंट के स्लीपर पुरानी पटरियों और स्लीपर की तुलना में ज्यादा भारी हैं। इसका मकसद इस लाइन पर ट्रेनों की रफ्तार में बढ़ोतरी करना है। वर्तमान में मुरादाबाद से होकर दो वंदेभारत ट्रेनें गुजरती हैं। इनकी अधिकतम गति सीमा 160 किमी प्रतिघंटा है लेकिन ट्रैक की क्षमता 110 किमी प्रतिघंटा की है। नया रेलवे ट्रैक बिछाए जाने से ट्रेनों की गति 130 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर 150 तक करने की योजना है।
वर्जन
नई बाईपास लाइनों के लिए सर्वे करने, लूप लाइन बनाने और रेलवे ट्रैक बदलने के लिए बजट जारी हो गया है। इस वित्तीय वर्ष में यह सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। बाईपास लाइन बनने से ट्रेनों को स्टेशनों पर रोककर इंजन की दिशा बदलनी नहीं पड़ेगी।
- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम