परिवहन निगम की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। करीब छह साल से पहले हादसे में मर चुके रोडवेज चालक को दिल्ली के कोर्ट में गवाही देनी होगी। आरएम आफिस से बाकायदा इसका पत्र जारी किया गया है। पिछले पंद्रह दिनों में किसी मुर्दे को पत्र जारी करने का ये दूसरा मामला है।
जिसे लेकर रोडवेज कर्मियों में खूब चर्चा चल रही है। करीब छह साल पहले दिल्ली से आ रही पीतलनगरी डिपो की बस उझारी के पास सड़क पर खड़ी ट्राली में घुस गई। हादसे में चालक प्रेम पाल सिंह सहित छह यात्रियों की मौत हो गई।
इस मामले में दिल्ली कोर्ट से गवाही के लिए आरएम आफिस में चालक के नाम सम्मन आया। जिसे आरएम आफिस से बिना जांचे परखे उसे एआरएम पीतलनगरी के दफ्तर भेज दिया गया। जहां से चालक के नाम पत्र जारी कर दिया गया।
जबकि चालक की मौत हो चुकी है। ये बात निगम को भी पता है। वहीं परिचालक चंद्रपाल शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आरएम अतुल जैन ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। हो सकता है एआरएम पी ने पत्र जारी किया हो। मामले की जांच कराई जाएगी।