मुरादाबाद। सपा की पुरानी पेंशन नीति बहाली की घोषणा का जिले में कुछ खास असर देखने को नहीं मिला। नई पेंशन नीति भाजपा की टेंशन नहीं बढ़ा पाई। सरकारी कर्मचारियों के पोस्टल बैलेट से भाजपा को 41.53 फीसदी वोट मिले। जो सपा से महज 2.41 प्रतिशत कम वोट है।
विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए राजनीतिक दलों ने वादों का पिटारा खोल दिया था। किसी ने युवाओं को लैपटॉप तो किसी ने युवतियाें को स्कूटी देने तक की घोषणा की थी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकारी कर्मचारियों को डोरे डालने की पूरी कोशिश की। सपा ने सरकार बनने पर उन्होंने पुरानी पेंशन नीति बहाल करने का वादा किया था। लेकिन इस चुनावी वादे का मतदान पर कोई खास फर्क नहीं देखने को नहीं मिला। जिले में पोस्टल बैलेट से 6140 वोट डाले गए। इसमें सरकारी नौकरी पेशा वाले और कुछ बुजुर्ग शामिल रहे।
पोस्टल बैलेट से सपा को 2698 वोट मिले। जो कुल मतों 43.94 फीसदी है। वहीं भाजपा को 41.53 प्रतिशत मत मिले। जो 2550 मत थे। भाजपा की तुलना में सपा को सिर्फ 148 मत अधिक मिले, जबकि राजनीतिक दलों में कांग्रेस को सबसे कम 40 वोट मिले।
पोस्टल बैलेट में नगर-देहात में सपा को मिली हार
मुरादाबाद। सपा ने भले ही जिले की छह विधानसभा सीटों में से पांच पर जीत दर्ज की हो, लेकिन पोस्टल बैलेट में सपा को नगर, देहात और ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से हार मिली है। वहीं कांठ, बिलारी और कुंदरकी में पोस्टल बैलेट से सपा को जीत मिली।
पोस्टल बैलेट में 19 प्रत्याशियों का नहीं खुला खाता
मुरादाबाद। पोस्टल बैलेट में 19 प्रत्याशियों का खाता नहीं खुल सका। इन 19 उम्मीदवारों को पोस्टल बैलेट से एक भी वोट नहीं मिला। वहीं 17 मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट से नोटा को पसंद किया।