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Moradabad News: सड़कें न नालियां, इमरजेंसी में नहीं पहुंच पाती एंबुलेंस

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मुरादाबाद। लाइनपार का आजाद नगर पैपटपुरा का यह इलाका नगर निगम के वार्ड चार का हिस्सा है। यहां कई गलियां ऐसी हैं जो बनी नहीं है या फिर इतनी ऊबड़ खाबड़ हैं कि यदि तबीयत खराब हो जाए तो एंबुलेंस भी नहीं आ पाती है। कूड़ा उठाने वाली गाड़ी भी प्रवेश नहीं कर पाती, इसलिए यहां सफाई भी नहीं होती। यहां पर पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है।
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इसमें कोई दो राय नहीं कि लाइनपार के क्षेत्र में विकास हुआ लेकिन इसके बावजूद अभी कई इलाके ऐसे हैं, जहां विकास की किरण पहुंच ही नहीं सकी है। न सड़कें हैं, न गलियां बनी हैं। सीवर और पेयजल की व्यवस्था दूर दूर तक दिखाई नहीं देती। कुल मिलाकर नगर निगम की ओर से प्रदत्त मूलभूत सुविधाएं यहां के वाशिंदों को नहीं मिल पा रही है। यहां के लोग भी निगम और जनप्रतिनिधियों की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं कि काश, उनके घरों तक भी सड़क, पेयजल पहुंचे। गली की सफाई हो और नालियां बने, रोजाना सफाई हो, फिलहाल तो यह सुविधाएं यहां के लिए सपना ही हैं। ऊबड़ खाबड़ गलियों से रोजमर्रा की जिंदगी गुजरती है तो तकलीफ तो होती ही है।

- यह क्षेत्र शहर के मध्य है, इसके बावजूद इतनी समस्याएं हैं, चारों ओर विकास हो गया है लेकिन यह इलाका छोड़ दिया गया है, कोई तो सुने।
रेनू शर्मा

- पूरी गली में कई घर हैं लेकिन कहीं कोई नाली नहीं बनी है, जिसके कारण घरों का गंदा पानी खाली प्लॉटों में ही भरता है, जिससे गंदगी रहती है।
राज बाला

- एक लंबा समय हो गया यहां रहते हुए लेकिन अभी तक न तो गली बन पाई है और न ही घरों तक पहुंचने का कोई सही शुद्ध रास्ता। अपने घरों तक पहुंचना दुश्वार है।
सरस्वती

- घरों के चारों ओर पानी भरा रहता है, जिसके कारण ठहरे में पानी में मच्छर, मक्खी पैदा होते हैं, बीमारियां फैलते हैं, फॉगिंग कभी नहीं होती है।
सरला

- वोट लेने के समय तो कई नेता आते हैं, हम सभी उन्हें यह नालियां, गलियां दिखाते भी हैं, उस समय तो बनवाने का वादा करते हैं, फिर भूल जाते हैं।
शालिनी

- यहां गली बनाने के लिए कई बार पार्षद से भी कहा, नगर निगम को भी प्रार्थना पत्र दिए, आश्वासन तो हर बार मिलता है लेकिन गली का निर्माण अभी तक नहीं हुआ।
नीतू सिंह

- इस गली की स्थिति तो यह है कि ऊबड़ खाबड़ रास्तों के कारण यहां कोई मेहमान भी आना नहीं चाहता है, निगम के अधिकारियों पर यहां की समस्या देखनी चाहिए।
मनु

- शहर में रेहड़ी और ठेले लेकर गली गली सब्जी बेचने वाले आते हैं, अन्य सामान भी घरों पर जाकर बेचा जाता है लेकिन इस गली में कोई सब्जी वाला नहीं आता।
जनता

- यहां रात के समय तो बड़ी दिक्कत बढ़ जाती है, जब सड़क ही नहीं बनी तो स्ट्रीट लाइट कैसे लगेगी, पूरी गली अंधेरे में डूबी रहती है, लोग अंधेरे में गिरकर चोटिल होते हैं।
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कलावती
-
- गली नहीं बनी तो सीवर लाइन या पीने के पानी की पाइप लाइन की बात करना तो दूर की बात है, फिर भी यहां के लोगों की जिंदगी के बारे में कोई नहीं सोचता।
नीरज
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