मुरादाबाद। मझोला थानाक्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित ग्रीन ऑर्चिड में शुक्रवार देर रात हुए बवाल का सच जानने में जुटी पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, वायरल हो रहे वीडियो की जांच की। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद रहे लोगों के बयान दर्ज किए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब की छानबीन में सामने आया है कि खुद को भाजपा नेता बताने वाले निखिल यादव के साथी हाथ में शराब का गिलास लेकर अपार्टमेंट के पार्क में चल रही पारिवारिक पार्टी में घुस गए थे। पार्टी कर रहे महिलाओं और युवकों ने इसका विरोध किया तो उन्होंने अभद्रता की। जिसके बाद मामला बढ़ गया और बवाल का रूप ले लिया।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक ग्रीन ऑर्चिड सोसाइटी में भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष अभिषेक चौबे अपने परिवार के साथ रहते हैं, जबकि हाल में भाजपा नेता नरेश यादव के बेटे निखिल यादव ने भी अपने साथियों के लिए यहां फ्लैट लिया था। पुलिस की जांच में सामने आया है कि 31 दिसंबर की रात सोसाइटी में रहने वाले पचास परिवारों ने चंदा करके यहां पार्टी का आयोजन किया था। इस पार्टी में निखिल यादव व उसके साथी शामिल नहीं थे। नए साल के स्वागत पर सोसाइटी के लोगों ने डीजे पर डांस शुरू किया था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान वहां निखिल के फ्लैट में मौजूद युवक भी नीचे उतर आए और डीजे तक पहुंच गए। पुलिस की जांच में ये बात भी सामने आई कि युवकों के हाथ में शराब के गिलास थे। वहां मौजूद महिलाएं और लोगों ने इसका विरोध किया तो युवकों ने अभद्रता और धक्कामुक्की शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने पर वहां मौजूद लोगों ने कॉल कर अभिषेक चौबे को बुला लिया था। इस दौरान दोनों पक्षों में काफी तनातनी हुई। आरोप है कि इसी दौरान अभिषेक चौबे के मुंह पर एक बाउंसर ने पंच मार दिया था। जिससे उनकी नाक से खून बहना शुरू हो गया था। विवाद बढ़ने पर अभिषेक चौबे की ओर से भी अन्य युवक आ गए। तब तक वहां निखिल यादव भी पहुंच गए थे। इसके बाद निखिल यादव के फ्लैट में लोग घुसे और उन्होंने मारपीट व तोड़फोड़ की। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस बुला ली गई थी। बताया जा रहा है कि एक किशोर को पकड़कर पुलिस ने गाड़ी में बैठा लिया था। उसे गाड़ी से उतारने को लेकर अभिषेक का पुलिस कर्मियों से विवाद हो गया था।
सोशल मीडिया पर काम करने वाले युवकों के लिए मैंने ग्रीन ऑर्चिड में फ्लैट दिलाया था। 32 दिसंबर की रात युवक फ्लैट में ही मौजूद थे। नीचे डीजे चल रहा था। वो भी वहां चले गए थे। कुछ लोग वहां शराब पी रहे थे। उन्हें लगा कि हमारे युवक उनका वीडियो बना लेंगे। इसलिए उन्हें वहां से भगाने लगे थे। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इस विवाद के बाद हमारे फ्लैट में घुसकर युवकों को पीटा और तोड़फोड़ की गई। पुलिस सभी सीसीटीवी कैमरें और फुटेज चेक कर ले। सच सामने आ जाएगा।
निखिल यादव
मैं तो अपने फ्लैट में सो रहा था। सोसाइटी के लोगों ने कॉल कर मुझे झगड़ा होने की जानकारी दी थी। मैं मौके पर पहुंचा और मैंने मझोला थाना प्रभारी को कॉल कर पुलिस भेजने के लिए कहा था। इसी दौरान मेरे साथ मारपीट की गई। पुलिस कर्मी वहां से एक नाबालिग युवक को लेकर जाने लगे थे। मैंने इसका विरोध किया तो पुलिस कर्मियों ने मेेरे साथ मारपीट शुरू कर दी।
अभिषेक चौबे
एसएसपी से मिले भाजपा नेता, दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग
मुरादाबाद। विधायक और भाजपा नेता सोमवार शाम एसएसपी से मिले। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसएसपी को दी और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने प्रकरण की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नगर विधायक रितेश गुप्ता, कांठ विधायक राजेश कुमार चुन्नू, शिक्षक विधायक जय पाल सिंह व्यस्त, एमएलसी गोपाल अंजान, क्षेत्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा समेत अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता सोमवार शाम एसएसपी बबलू कुमार से मिले। इस दौरान भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष अभिषेक चौबे, हेमंत चौधरी व अभिषेक राठौर भी उनके साथ मौजूद थे। भाजपा नेताओं ने मझोला क्षेत्र के ग्रीन ऑर्चिड में हुई घटना की जानकारी दी। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को बताने के साथ ही पुलिस की बर्बरता की शिकायत भी की।
नेताओं ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। इस पूरे प्रकरण में मझोला पुलिस की लापरवाही रही है। उनका कहना है कि सूचना मिलने के बाद भी मझोला थाना प्रभारी मौके पर नहीं पहुंचे। भाजपा नेताओं के साथ पुलिस कर्मियों ने पहले कालोनी में मारपीट की। इसके बाद उन्हें थाने लाकर पीटा गया। नेताओं ने अभिषेक के खिलाफ दोनों केस खत्म करने और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसएसपी बबलू कुमार ने आश्वासन दिया है कि वह जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में कार्रवाई करेंगे।
सोमवार शाम भाजपा नेता और विधायक मिले थे। उन्होंने प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। एएसपी इस मामले की जांच करा रहे हैं। जांच में अगर किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आएगी तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- बबलू कुमार, एसएसपी