मुरादाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर वापसी शुरू कर दी है। संविदा पर कार्यरत कई एएनएम ने भी ड्यूटी संभाल ली है, लेकिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) अभी आंदोलन में डटे हुए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
इन केंद्रों पर ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य जांच और विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी सेवाएं दी जाती हैं। ऐसे में सीएचओ के काम पर नहीं लौटने से इन सेवाओं की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी 236 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बंद हैं। सीएचओ संगठन के पदाधिकारी जितेंद्र कुमार, मुकेश कुमार आदि का कहना है कि बिलारी, मूंढापांडे, ठाकुरद्वारा, भोजपुर समेत सभी स्थानों पर आंदोलन के कारण हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बंद हैं। फिलहाल सीएचओ की वापसी और आंदोलन समाप्त होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।