सोशल मीडिया पर वायरल अश्लील वीडियो को जिले के एक भाजपा पदाधिकारी की बताकर उनके नाम और फोटो के साथ दिखाने के आरोप में पुलिस ने एक न्यूज पोर्टल चलाने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस वीडियो को पोर्न साइट से डाउनलोड कर भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी का बताकर वायरल करने वाले मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है।
इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। यह वीडियो भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी का बताकर वायरल किया जा रहा था। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एसपी विनीत जायसवाल के निर्देश पर इस मामले में कोतवाली पुलिस और आईटी सेल जांच कर रही है। पुलिस ने बुधवार को अब तक की जांच में वायरल वीडियो फर्जी बताते हुए कहा था कि यह वीडियो करीब छह साल पहले एक पोर्न साइट पर अपलोड किया गया था। किसी ने इस वीडियो को साइट से डाउनलोड कर भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से वायरल कर दिया था।
इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा के मुताबिक पुलिस इस प्रकरण में दो बिंदुओं पर जांच कर रही है। पहला बिंदु यह है कि किस व्यक्ति के द्वारा वीडियो को पोर्न साइट से डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। दूसरा बिंदु इस फर्जी वीडियो को भाजपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी का बताकर उनके नाम और फोटो के साथ छवि धूमिल करने के उद्देश्य से लोगों के बीच ले जाने का है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि इस कड़ी में कार्रवाई करते हुए बृहस्पतिवार को एक न्यूज पोर्टल चलाने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसने अपना नाम राजीव कुमार निवासी फाजलपुर विजयनगर गजरौला बताया। इंस्पेक्टर के मुताबिक भाजपा नेता की तहरीर पर जिन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है, पोर्टल चलाने वाले युवक के खिलाफ उन्हीं धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।