संवाद न्यूज एजेंसी
ठाकुरद्वारा। शासन के आदेश अनुसार 30 मार्च से सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद का कार्य शुरू हो जाना चाहिए था लेकिन ठाकुरद्वारा की मंडी में बनाए गए छह खरीद केंद्रों पर किसी भी एजेंसी का बैनर सोमवार को लगा हुआ नहीं मिला। वहां पर धान खरीद केंद्र के पुराने बैनर लगे हुए थे जबकि धान खरीद का कार्य जनवरी 2026 में समाप्त हो चुका है।
मंडी में मार्केटिंग विभाग के चार और एफसीआई का एक सरकारी गेहूं खरीद केंद्र खोला गया है। सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया की ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में 18 सरकारी गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं। इनमें मंडी में मार्केटिंग चार और एक एफसीआई का खोला गया है।
मार्केटिंग का एक गेहूं खरीद केंद्र करना वाला खालसा और एक डिलारी में खुला है। पीएसएफ छह और नेफेड के पांच खरीद केंद्र खुले हैं। पहले दिन खरीद केंद्रों पर न कर्मचारी दिखाई दिए और न किसान। यहां तक की बैनर भी लगे नहीं मिले। धान खरीद के लिए वहां पर तने के लिए कांटा और बारदाना (बोरे) भी नहीं मिले।
सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं जल्दी पूरी हो जाएंगी और एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी। गेहूं का सरकारी रेट 2585 रुपये प्रति क्विंटल है।
जबकि मार्केट में इस समय गेहूं का रेट करीब 2350 रुपये है। यदि यही स्थिति रेट के अंतर की रही तो किसानों का रुख सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों की ओर होगा।