बिजनौर की नगीना विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक मनोज पारस को बुधवार को अदालत ने जेल भेज दिया। वह 2008 के छजलैट बवाल में कोर्ट की तारीखों से गैरहाजिर चल रहे थे। अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। बुधवार को सपा विधायक ने कोर्ट में सरेंडर कर जमानत अर्जी दाखिल की। लेकिन अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
अपर शासकीय अधिवक्ता कृष्णकांत ने बताया कि नगीना के सपा विधायक मनोज पारस वर्ष 2008 में हुए छजलैट बवाल में पूर्व मंत्री आजम खां व अन्य सपा नेताओं के साथ अभियुक्त थे। उस समय तत्कालीन एसएसपी प्रेम प्रकाश ने पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी को छजलैट थाने के सामने रोककर चेक कराया था। जिसके बाद आजम खां वहीं धरने पर बैठ गए थे। थोड़ी देर में वहां जुटे सपाइयों ने हंगामा, तोड़फोड़ व आगजनी की थी।
इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अनिल कुमार वशिष्ठ की अदालत में चल रही है। एडीजीसी ने बताया कि लगातार कोर्ट की तारीखों से गैरहाजिर रहने पर सपा विधायक मनोज पारस के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
बुधवार को मनोज पारस ने कोर्ट में सरेंडर किया। जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मुरादाबाद देहात सीट से सपा के विधायक हाजी इकराम कुरैशी समेत कई अन्य सपा नेता भी इस मामले में कोर्ट में सरेंडर कर जमानत करा चुके हैं।