मुरादाबाद। नगर निगम कर्मी और पार्षद विवाद मामले में मंगलवार को नगर निगम कर्मियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर पार्षद प्रदीप प्रभाकर की गिरफ्तारी की मांग की। उधर एसएसपी ने कहा है कि पार्षद पर लगी धाराओं में गिरफ्तारी जरूरी नहीं है लेकिन पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। पार्षद का कहना है कि उन पर लगे आरोप गलत हैं और डिप्टी सीएम सहित सभी अधिकारियों को सच्चाई से अवगत कराया गया है। उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।
कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने एसएसपी को बताया कि 28 जुलाई को बुद्धि विहार कालोनी में अवैध कब्जा हटाने गई नगर निगम टीम के साथ वार्ड पार्षद प्रदीप प्रभाकर ने अभद्रता और मारपीट की गई। राजस्व पुस्तिका भी फाड़ दी गई। उसी दिन टीम द्वारा पार्षद के खिलाफ मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी लेकिन अब तक पुलिस ने पार्षद को गिरफ्तार नहीं किया है। इससे अवैध कब्जा करने वालों का हौसला बुलंद है। अवैध निर्माण हो रहा है। पार्षद की गिरफ्तारी ना होने से कर्मचारियों में रोष है। आने वाले त्योहारों को देखते हुए पार्षद की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई। इनमें नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एम. सुब्हान, महामंत्री मोहित चौहान, स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष ओमलील वाल्मीकि, राजू भाई अंबेडकर शामिल थे।
वहीं, भाजपा पार्षद और कुछ सामाजिक संगठन और वार्डवासी पार्षद के पक्ष में लामबंद हो रहे हैं। वह पार्षद पर दर्ज मुकदमे का विरोध कर रहे हैं। भाजपा पार्षद इस मामले में निगम के अधिकारियों के रवैये से भी नाखुुश हैं। पार्षद प्रदीप प्रभाकर का कहना है कि उन पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट पूरी तरह सुनियोजित है। उन्होंने टीम के साथ ना कोई अभद्रता की ना मारपीट। कागजात छीनने के आरोप भी गलत हैं। इस संबंध में डिप्टी एमएम दिनेश शर्मा को भी अवगत कराया था। इससे पहले मंडलायुक्त और अन्य अधिकारियों को भी पूरे मामले की जानकारी दी जा चुकी है।