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Mundhapande Firing: तीन माह से आरोपी फरार, पुलिस ने 25 हजार लेकर भी नहीं किए गिरफ्तार... पीड़ितों का दर्द

Fri, 28 Jun 2024 01:27 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मूंढापांडे गांव में दूसरे समुदाय के लोगों ने दो बहनों को अगवा करने का प्रयास किया। इसका विरोध करने पर भाई और मां-बाप को गोली मार दी। तीन का इलाज चल रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि एक दरोगा ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उनसे 25 हजार रुपये लिए। 
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मुरादाबाद में घटना के बाद मौके पर पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मूंढापांडे के गांव में बुधवार रात युवती और उसकी बहन को अगवा करने के विरोध में भाई, मां-बाप को गोली मारने वाले चारों आरोपी तीन माह से फरार चल रहे हैं। इनके खिलाफ संभल जनपद के बहजोई थाने में अपहरण का केस दर्ज है। अस्पताल में भर्ती घायल फर्म कर्मी का आरोप है कि दरोगा ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनसे 25 हजार रुपये लिए, लेकिन अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया।

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डीआईजी मुनिराज जी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रामपुर के एएसपी अतुल श्रीवास्तव को जांच करने के आदेश दिए हैं। घायल फर्म कर्मी ने बताया कि आरोपी मुस्लिम उसकी बेटी को कई साल से परेशान कर रहा था। जिससे तंग आने के बाद उसने बेटी की शादी संभल के बहजोई थाना क्षेत्र के गांव निवासी युवक के साथ कर दी थी।

युवती का पति डीजे बजाने का काम करता है। आरोपी मुस्लिम, अपने पिता नन्हें, चाचा आले हसन और सुलेमान के साथ युवती के ससुराल पहुंच गया था। आरोपियों ने डीजे बुक कराने के बहाने चार मार्च की रात दरवाजा खुलवाया था। इसके बाद आरोपी युवती को तमंचे के बल पर अगवा कर ले गए थे। 

बहजोई थाने में दस मार्च को चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। 16 अप्रैल को पुलिस ने युवती को राजस्थान से बरामद कर लिया था, लेकिन आरोपियों को फिर भी गिरफ्तार नहीं किया। युवती के पिता का कहना है कि एक दरोगा और कुछ पुलिसकर्मियों ने उनसे  गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये भी लिए थे। 

पीड़ित का कहना है कि उसने 15 हजार रुपये चंदौसी कचहरी परिसर में और 10 हजार रुपये चौकी पर दिए थे। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत डीआईजी से भी की है। डीआईजी मुनिराज जी ने बताया कि अब तक आरोपियों की गिरफ्तार क्यों नहीं हुई है, किस स्तर पर लापरवाही हुई है, इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। रामपुर के एएसपी को जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित पिता से जाना हालचाल 

डीएम अनुज कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को चार्ज संभाला और जिला अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने पीड़ित पिता से घटना की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करवाने का आश्वासन दिया।

16 अप्रैल से ससुराल नहीं गई युवती

युवती के पिता ने बताया कि पुलिस ने 16 अप्रैल को उसकी बेटी बरामद किया था। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद पुलिस ने युवती को परिवार को सौंप दिया था। इसके बाद से युवती अपने मायके में ही रहती है। वह ससुराल भी नहीं गई। पिता का कहना है कि केस चल रहा है, इसलिए बेटी को ससुराल नहीं भेजा।

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पुलिस ने पीड़ित परिवार का दर्द सुना होता तो नहीं होती घटना
मूंढापांडे के गांव में बुधवार रात हुई घटना पुलिस की लापरवाही का नतीजा है। पीड़िता परिवार का कहना है कि आरोपी और उसके परिवार के लोग लगातार उन्हें धमकियां दे रहे थे। इस मामले की शिकायत कई बार पुलिस से की थी लेकिन पुलिस ने कभी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 16 अप्रैल से युवती अपने पिता के घर रह रही थी।

कई बार आरोपी को जंगल में देखा गया था। युवती के पिता ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी। लेकिन न तो बहजोई थाने की पुलिस ने सुनी और न ही मूंढापांडे थाने की पुलिस ने कभी गंभीरता दिखाई। युवती और उसकी बहन ने जंगल जाना भी बंद कर दिया थ। वह घर में ही रहती थी।

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