मुरादाबाद। ऊर्जा मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) की एडीटीई योजना से एमएसएमई उद्योगों को राहत मिलेगी। योजना के तहत ऊर्जा दक्ष तकनीक अपनाने वाले उद्योगों को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी। इससे उत्पादन लागत कम होगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। योजना के तहत सूक्ष्म और लघु उद्योगों को ऋण पर पांच प्रतिशत तक ब्याज अनुदान मिलेगा। मध्यम उद्योगों को तीन प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। उद्योगों को निवेश स्तर का ऊर्जा ऑडिट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने में भी मदद मिलेगी। परियोजना की योजना, क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और सत्यापन तक विशेषज्ञों का तकनीकी सहयोग मिलेगा। इस योजना में ब्रास, ब्रिक्स, सिरेमिक, केमिकल, फूड प्रोसेसिंग, ग्लास, लेदर, पेपर, फार्मा, स्टील री-रोलिंग और टेक्सटाइल समेत 14 ऊर्जा-गहन औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवेद उर रहमान ने कहा कि यह योजना एमएसएमई क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल है। इससे ऊर्जा खर्च कम होगा और उद्योग अधिक पर्यावरण अनुकूल बनेंगे। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद जैसे पारंपरिक हस्तशिल्प केंद्रों के उद्योगों को इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। इससे उद्योगों के स्थायी विकास को भी गति मिलेगी।