अमरोहा। जिले ने राजस्व विभाग के दो अहम विशेष अभियान दाखिल-खारिज वादों के निस्तारण और भूमि संबंधी आईजीआरएस शिकायतों के समाधान में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। डीएम डॉ. नितिन गौड़ की नियमित समीक्षा, प्रतिदिन जूम बैठक के माध्यम से मॉनिटरिंग और तहसीलवार माइक्रोप्लानिंग की बदौलत आईजीआरएस में शत-प्रतिशत निस्तारण कर लंबित मामलों को शून्य कर दिया। इस उपलब्धि पर राजस्व परिषद ने जिला प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की है।
शासन के निर्देश पर संचालित विशेष अभियान में अमरोहा ने दाखिल-खारिज की प्रोग्रेस रिपोर्ट में 79.2 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज करते हुए प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। इस दौरान जिले ने मुरादाबाद, गाजियाबाद और अलीगढ़ जैसे बड़े जिलों को भी पीछे छोड़ दिया।
डीएम नितिन गौड़ ने बताया कि एक जून से 10 जुलाई तक चले दाखिल-खारिज विशेष अभियान में 45 दिन से कम अवधि के 2749 तथा 45 दिन से अधिक अवधि के 499 मामलों सहित कुल 3248 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं एक जून से 30 जून तक चले भूमि संबंधी आईजीआरएस विशेष अभियान में 1772 शिकायतों का शत-प्रतिशत समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया।
इसके लिए डीएम ने प्रतिदिन जूम मीटिंग के माध्यम से सभी एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा की। प्रत्येक तहसील की दैनिक मॉनिटरिंग, जवाबदेही तय करने और समयबद्ध कार्रवाई के कारण लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण संभव हो सका। दाखिल-खारिज के मामलों में आदेश पारित होने के बाद राजस्व अभिलेखों में तत्काल आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज कराने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे वादकारियों को निर्णय का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके।
डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने इस उपलब्धि का श्रेय राजस्व विभाग की पूरी टीम को देते हुए सभी एसडीएम, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और कर्मचारियों को बधाई दी।