मुरादाबाद। शादी के मात्र दस माह बाद पति को खोने वाली महिला ने दुष्कर्मी और हत्यारे ससुर को सजा दिलाने के लिए लंबा संघर्ष किया। करीब चार साल कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान पीड़िता हर तारीख पर कोर्ट पहुंचीं। सर्दी, गर्मी, बारिश में भी उसके कदम नहीं रुके। सास और दोनों देवर अपने बयान पलट गए। पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव भी बनाया और उसे धमकियां तक मिलीं लेकिन उसने अपनी जिंदगी का मकसद बना लिया था जिसने उसका सब कुछ उजाड़ दिया उसे हर हाल में सजा दिलाएगी।
मझोला थानाक्षेत्र में रहने वाली महिला ने 28 नवंबर 2020 को अपने ससुर और नाबालिग देवर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें महिला ने बताया कि 16 जनवरी 2020 को उसकी शादी मझोला क्षेत्र में ही रहने वाले युवक के साथ हुई थी। 25 नवंबर 2020 की रात करीब साढ़े आठ बजे ससुर ने उसके दुष्कर्म किया था। उस वक्त उसके पति निजी अस्पताल में वार्ड ब्वाय थे और एक मरीज को देखने बाहर गए थे। 28 नवंबर की सुबह 11 बजे पति वापस आए तो उसने ससुर की शिकायत की। पति ने अपने पिता से इस मामले में पूछताछ की तो छोटा देवर भी आ गया। दोनों ने उसके पति के साथ मारपीट की। इसके बाद ससुर ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर हत्या दी थी। पुलिस ने केस की विवेचना करने के बाद वार्ड ब्वाय के सिक्योरिटी गार्ड पिता और छोटे भाई के खिलाफ 25 फरवरी 2021 को आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। इस केस की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट कोर्ट संख्या-एक) प्रीति सिंह की अदालत में चली जबकि आरोपी देवर के नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल दूसरी कोर्ट में चली। कोर्ट में वार्ड ब्वाय की मां और भाई अपने बयान से पलट गए। इनके अलावा भी कई और गवाहों ने आरोपी के पक्ष में बयान दिए लेकिन वार्ड ब्वाय की पत्नी अपने बयानों पर अडिग रही। उसने हर तारीख पर कोर्ट पहुंचकर अपने बयान दिए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुना और पीड़िता के बयानों को मजबूत आधार मानते हुए मुलजिम को दुष्कर्म और हत्या में दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई जबकि डेढ़ लाख रुपये के अथदंड से दंडित किया गया।
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पति कर रहे कोरोना पॉजिटिव मरीज की देखभाल, घर में ससुर ने की थी दरिंगी
मुरादाबाद। पीड़िता ने बताया कि उसके पति शहर के एक निजी अस्पताल में वार्ड ब्वाय थे। उनकी ड्यूटी कोरोना पॉजिटिव मरीज की देखभाल में लगी थी। घर में कोई कोरोना पॉजिटिव न हो जाए इसलिए वह घर में कम ही आते थे। 25 नवंबर की रात भी वह कोरोना पॉजिटिव मरीज की देखभाल के लिए गए थे। उसी रात करीब साढ़े आठ बजे ससुर उसके कमरे में घुस आए और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता विरोध करते हुए कहा कि आपको मैं अपना पापा जैसा समझती हूं और आप यह क्या कर रहे हैं तब ससुर ने पीड़िता से कहा कि ससुर और पिता में अंतर होता है।
दो घंटे बाद छोटा बेटा पिस्टल लेकर थाने पहुंचा, पिता पहुंच गया था कचहरी
मुरादाबाद। अपने ही बेटे की हत्या करने वाला पिता सरेंडर करने के मकसद से कचहरी पहुंच गया था। इसी भनक लगने पर पुलिस कचहरी पहुंची और उसे दबोच लिया था। उधर, हत्यारे का छोटा बेटा घटना के दो घंटे बाद ही पिस्टल लेकर मझोला थाने पहुंच गया था। पुलिस को पिस्टल सौंप दी और सरेंडर कर दिया था। घटना के समय आरोपी नाबालिग था तो पुलिस ने उसे किशोर न्यायालय में पेश करने के बाद राजकीय संप्रेक्षण गृह भेज दिया था। जिसे कोर्ट से जमानत मिल चुकी लेकिन इसकी फाइल अभी विचाराधीन है। ब्यूरो
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तीन दिन ससुर की करतूत छिपाना परिवार को पड़ा भारी
मुरादाबाद। बहू से दुष्कर्म और बेटे की हत्या में दोषी ठहराए गए सिक्योरिटी गार्ड की करतूत छिपाना परिवार पर भारी पड़ गया। 25 नवंबर को ससुर ने बहू के साथ दुष्कर्म किया था। उसी रात पीड़िता ने अपनी सास और देवर को इस बारे में जानकारी दी थी और ससुर के खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही थी लेकिन सास और देवर ने पीड़िता पर दबाव बनाया है कि वह इस बात को घर से बाहर किसी को न बताए। हम लोग बात करेंगे। तीन दिन तक पीड़िता पर परिवार ने नजर रखी। न तो उसे मायके में बात करने दी गई और न ही पुलिस को जानकारी दी गई। तीन दिन बाद महिला का पति वापस आया तो तब उसने आपबीती सुनाई थी। बेटा अपने पिता से शिकायत करने पहुंचा तो उसकी हत्या कर दी गई थी। ब्यूरो
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परिवार से नहीं रखूंगा संबंध, अलग किराये पर रहेंगे
मुरादाबाद। पीड़ित महिला पुराने दिनों को याद कर भावुक हो गईं। पति की हत्या के बाद न तो उसने दूसरी शादी की और न ही केस में समझौता किया। पीड़िता ने बताया कि जब उसने अपने पति से अपने ससुर की करतूत के बारे में बताया कि उन्होंने उसे भरोसा दिया कि वह चिंता न करे। अब मैं अपने परिवार से कोई संबंध नहीं रखूंगा। अलग कमरा लेकर रहेंगे।