करीब तीन साल देर से बनी महायोजना-2031 अब जल्द पास हो सकती है। एमडीए द्वारा तैयार कर एक साल पहले शासन भेजी गई यह महायोजना तकनीकी समिति से पास होने के बाद करीब छह माह से अटकी है। 10 या 11 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने योजना की प्रस्तुति होगी।
शासन से इसके संकेत मिलने के बाद वीसी शैलेष कुमार ने इसकी तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि इस प्रस्तुति के कुछ दिन बाद महायोजना पास हो जाएगी। शहर के सुनियोजित विकास के लिए विकास प्राधिकरण अगले 10 साल के लिए महायोजना बनाता है।
जिसमें विभिन्न भू-उपयोग के साथ ग्रीन बेल्ट का क्षेत्र भी आरक्षित किया जाता है। पिछले मास्टर प्लान (महायोजना)-2021 के समाप्त होने से पहले ही अगले दस साल के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान-2031 बन जाना चाहिए था।
लेकिन ऐसा हुआ नहीं। करीब तीन साल पहले महायोजना तैयार करने की शुरू हुई प्रक्रिया बीच में कोरोना काल और आपसी टकराव के कारण बाधित रही। तीन जनवरी 2022 को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद आपत्ति, सुझाव मांगे जाने से गतिविधियों ने तेजी पकड़ी।
15 मार्च 2022 को सार्वजनिक सूचना निर्गत कर आपत्तियां मांगी गई थीं। जिसमें कुल 285 आपत्तियां आई थीं। 25 मार्च से 24 अप्रैल तक आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई हुई। उसके बाद तिथि बढ़ा कर सात मई 2022 कर दी गई।
तत्कालीन उपाध्यक्ष मधुसूदन हुल्गी और कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह के बीच कुछ बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाने के कारण इसे बोर्ड की बैठक में नहीं रखा जा सका। बाद में हुल्गी का स्थानांतरण हो जाने और नए उपाध्यक्ष शैलेष कुमार के चार्ज लेने पर पुन: आपत्तियां आमंत्रित कर सुनवाई की गई।
कुल प्राप्त 410 आपत्तियों पर सुनवाई एक नवंबर से पांच नवंबर 2022 तक की गई थी। सीएम के सामने महायोजना की प्रस्तुति होने ही वाली थी कि आचार संहिता लग गई। इसके कारण महायोजना फिर लटक गई।
दो दिन पहले ही शासन के एक उच्चाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान वीसी शैलेष कुमार को महायोजना के सीएम के सामने प्रस्तुति देने के लिए तैयार रहने को कहा है। यह भी बताया गया है कि यह प्रस्तुति 10 या 11 जून को हो सकती है।
महायोजना-2031 में खास
- शहर के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 200 एकड़ में शिल्पग्राम की रहेगी व्यवस्था।
- दिल्ली व कांठ रोड पर व्यावसायिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बाजार स्ट्रीट तथा उपनगर केंद्रों का रहेगा प्रावधान।
- संभावित मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल, स्टेडियम, बस व ट्रक टर्मिनल के लिए भी रहेगी पर्याप्त व्यवस्था।
- मास्टर प्लान में मछली मंडी और कैटल कॉलोनी को शहर के बाहर स्थापित स्थापित करने की रहेगी व्यवस्था।
- अनाज मंडी, सब्जी मंडी की भी रहेगी व्यवस्था। ग्रीन बेल्ट के लिए पहले से आरक्षित क्षेत्र का बढ़ सकता दायरा।
- जहां काफी समय से आबादी और औद्योगिक इकाई स्थापित हैं वहां बदल सकता भू-उपयोग।
महायोजना-2031 का सीएम के सामने प्रजेंटेशन 10 अथवा 11 जून को हो सकता है। शासन से इसके संकेत मिले हैं। मैंने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। उम्मीद है कि प्रजेंटेशन के कुछ दिन बाद महायोजना पास हो जाएगी। उसके बाद विकास तेजी से होगा। -शैलेष कुमार, वीसी एमडीए