मुरादाबाद की अदालत ने पांच साल पुराने युवती से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मूंढापांडे थाने में 29 अगस्त 2019 को पीड़िता के भाई ने मुकदमा दर्ज कराया था।
जिसमें युवक ने बताया था कि रात करीब दस बजे उसकी पत्नी और बहन घर के पास बने घेर में पशुओं को चारा डालने के लिए गई थीं। चारा डालकर दोनों वापस लौट रही थी। भाभी आगे आगे चल रही थी जबकि ननद पीछे पीछे चल रही थी।
युवती ने बताया कि उसकी पत्नी घर पहुंच गई थी जबकि उसकी बहन रास्ते से गायब हो गई थी। परिजनों ने युवती की तलाश की तो एक खाली मकान से युवती के रोने की आवाज आ रही थी। मकान का दरवाजा अंदर से बंद था।
जिसमें दौलतपुर अजमतपुर निवासी जाने आलम निकला और तेजी से भाग गया। मकान में युवती भी मिल गई थी। जिसने बताया कि अंधेरे का फायदा उठाकर जाने आलम ने उसका मुंह बंद कर दिया और मकान में ले गया था।
यहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी जाने आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक मोहम्मद फिरोज की अदालत में की गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में पीड़िता और उसकी भाभी की गवाही के आधार पर अदालत ने आरोपी जाने आलम को दुष्कर्म की घटना में दोषी करार देते हुए उसे दस साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।