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Moradabad: किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को सात साल की कठोर कारावास, अदालत ने बीस हजार का जुर्माना भी लगाया

Tue, 05 Dec 2023 05:24 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि कोर्ट ने मोनू को मामले में दोषी पाया है। इसे बाद उस पर सात साल की कठोर कारावास के साथ बीस हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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कोर्ट - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले दोषी को अदालत ने सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मझोला थाना क्षेत्र में रहने वाली पीड़ित किशोरी के पिता ने 20 जुलाई 2017 को मझोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि मझोला के मिया कॉलोनी निवासी मोनू उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर 19 जुलाई की शाम अपने साथ ले गया था।

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इस मामले की शिकायत आरोपी के परिवार के लोगों से की तो उन्होंने कहा कि रात तक तुम्हारी बेटी आ जाएगी। सुबह तक बेटी की कोई जानकारी नहीं मिली और न ही मोनू के घर वाले कुछ बताने के लिए तैयार हैं। पुलिस ने 20 जुलाई को किशोरी को बरामद कर लिया था और आरोपी मोनू को जेल भेज दिया था।

इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक मोहम्मद फिरोज की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि इस मामले पीड़िता समेत पांच गवाहों ने अपनी गवाही से घटना की पुष्टि की। अदालत ने आरोपी मोनू को घटना का दोषी पाते हुए उसे सात साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर बीस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

नाबालिग से छेड़खानी में दोषी को तीन साल की कैद

नौ साल की बच्ची से छेड़खानी करने के दोषी को अदालत ने तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।संभल जनपद के कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने 8 मई 2014 को संभल कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने बताया कि उसकी पत्नी अपने मायके गई थी।

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वह उसे बुलाने के लिए गया था। घर में नौ साल की बेटी और छोटे बेटे मौजूद थे। रात करीब नौ बजे वह अपनी पत्नी को लेकर घर लौटा। इसी दौरान उसने देखा कि घर से संभल के मिया सराय निवासी जमीर निकल रहा था। पति-पत्नी ने घर में जाकर बेटी से शोर शराबा का कारण पूछा तो उसने बताया कि जमीर ने घर में घुसकर छेड़खानी की है।

उसने दुष्कर्म का प्रयास भी किया है। इस मामले में पुलिस ने अगले दिन आरोपी जमीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो कोर्ट संख्या तीन चंद्र विजय श्रीनेत की अदालत में हुई।

विशेष लोक अभियोजक मनोज गुप्ता एवं अकरम खान ने बताया कि अदालत ने पीड़िता के बयान के साथ-साथ घटना के वक्त मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोपी जमीर को नाबालिग से छेड़खानी का दोषी करार देते हुए उसे तीन साल के कठोर कारावास की सजा के साथ उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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