एक अरब की लागत से बनाया जा रहा है पुल
पंडित नगला बाईपास पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने के लिए एक साल के लिए भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगेगा। पुल निर्माण के लिए विद्युत खंभों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। एक अरब दो करोड़ की लागत से बनने वाले पुल के लिए 16 पिलर बनाए जाएंगे।
सावन के पूरे महीने में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों को सिर्फ एक माह चलाने की इजाजत मिलेगी। कांवड़ यात्रा के बाद स्थिति पूर्ववत हो जाएगी। इस पुल की लंबाई 854 मीटर और चौड़ाई 750 मीटर होगी।
आरओबी का ठेका गाजियाबाद और दिल्ली की दो फर्म केकेआर और जेएसबी को संयुक्त रूप से मिला है। सेतु निगम के पीडी शशिकांत का कहना है कि दो दिन बाद पिलर निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
11 किलोमीटर घूमकर चंदौसी और बदायूं जाएंगी रोडवेज बसें
पीतलनगरी बस अड्डे से संभल, बदायूं और चंदौसी आदि रूट पर रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है। रूट डायवर्जन लागू होने के बाद संभल, बदायूं और चंदौसी की दूरी और किराया बढ़ जाएगा। मुरादाबाद से संभल की दूरी 13 किलोमीटर और चंदौसी और बदायूं के लिए 11 किलोमीटर बढ़ेगी।
संभल का किराया 20 रुपये, चंदौसी और बदायूं का किराया 14.30 रुपये बढ़ेंगे। वर्तमान समय में मुरादाबाद से संभल की दूरी 39 किलोमीटर और किराया 54 रुपये है। चंदौसी की दूरी 48 किलोमीटर और किराया 74 रुपये हैं। बदायूं की दूरी 113 किलोमीटर और किराया 164 रुपये हैं।
आरओबी बनने से कारोबार को मिलेगी गति
हनुमान मूर्ति तिराहे से कोहिनूर तिराहे की तरफ जाने और आने में रेलवे क्रॉसिंग यातायात के लिए सबसे बड़ी बाधा है। रेलवे ओवरब्रिज बनने पर चंदौसी और संभल को आने जाने वाली यात्री, रोडवेज बसों को रुकना नहीं पड़ेगा। शहर की पीतल और अन्य कारोबारियों के व्यावसायिक वाहन संभल और चंदौसी की तरफ इसी रास्ते से होकर जाते हैं।
इस ओवरब्रिज के बनने से शहर को काफी व्यावसायिक लाभ होगा, लेकिन इसके लिए अभी लोगों को 18 माह तक कष्ट उठाना पड़ेगा। आशंका है कि निर्माण कार्य शुरू होने पर जाम लग सकता है।