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मुरादाबाद: शुरू होने से पहले ही बारिश में धंसी रिंग रोड, 655 करोड़ से हो रहा 33 किमी लंबे मार्ग का निर्माण

Tue, 18 Aug 2026 12:38 PM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, अगवानपुर

सार

मुरादाबाद की करीब 655 करोड़ रुपये की लागत से बन रही रिंग रोड वाहनों के चलने से पहले ही बारिश में धंसने लगी है। भटावली से गुरु जंभेश्वर विवि के बीच करीब दो किमी में 12 स्थानों पर सड़क में गड्ढे और दरारें मिली हैं। एनएचएआई का दावा है कि यातायात शुरू होने से पहले सभी खामियां दुरुस्त कर दी जाएंगी।
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मुरादाबाद रिंग रोड - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गंगा एक्सप्रेसवे तो वाहनों के रफ्तार भरने के तीन माह बाद धंसा है लेकिन मुरादाबाद की रिंग रोड वाहनों के दाैड़ने से पहले ही धंसने लगी है। करीब 655 करोड़ की लागत से बन रही रिंग रोड पर दो किमी के दायरे में एक दर्जन से ज्यादा गड्ढे हो गए हैं। ये गड्ढे गुरु जंभेश्वर विवि से भटावली के बीच हुए हैं।

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एनएचएआई के अफसरों ने यातायात शुरू होने से पहले सभी व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया है। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए 33.72 किमी लंबी रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण करीब तीन साल से चल रहा है। एनएचएआई के मुताबिक रिंग रोड का 85 फीसदी काम पूरा हो चुका है।

रिंग रोड के शुरू होने से जंभेश्वर यूनिवर्सिटी जाने वालों और बाहर से आने वाले भारी वाहन बाहर से ही निकल जाएंगे। शहर के रास्तों पर वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। दिल्ली रोड से शुरू हुई रिंग रोड भटावली होकर दलपतपुर निकल रही है। इसका निर्माण सितंबर 2023 में शुरू किया गया था। लेकिन अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
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एनएचएआई 85 फीसदी काम पूरा होने का दावा कर रही है। वाहनों का आवागमन शुरू होने से पहले बारिश में रिंग रोड धंसने लगी है। भटावली से गुरु जंभेश्वर विवि तक करीब दो किमी में 12 स्थानों पर सड़क धंस गई है। इसमें रामगंगा नदी पर बने पुल पर सड़क सबसे ज्यादा धंसी मिली।

कुछ जगहों पर तो जोड़ पर ही सड़क फट गई है। इसके अलावा सलेमपुर बंगर और कैलसा बाईपास के बीच पुल पर भी सड़क धंसी मिली। इससे रिंग रोड की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं रिंग रोड पर बने गड्ढों में सीमेंट के कट्टों में रेत भरकर डाले गए हैं। कई स्थानों पर गड्ढे खुले हुए हैं।

रिंग रोड अभी निर्माणाधीन है। पानी के निकालने की व्यवस्था भी अस्थायी है। हालांकि रिंग रोड के संचालन से पहले सब कुछ दुरुस्त किया जाएगा। निर्माण के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। कांवड़ यात्रा की वजह से काम बंद है। इससे पहले डीजल और कोलतार नहीं मिलना भी कारण रहा। फिलहाल दिसंबर तक रिंग रोड को शुरू करने की कोशिश की जा रही है। - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई 
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रिंग रोड का अभी उद्घाटन नहीं हुआ है। इससे पहले ही सड़क कई जगह धंस गई है। इसका कारण बारिश का पानी भी रहा है। लेकिन इतनी जल्दी सड़क बैठ जाएगी उम्मीद नहीं थी। - सैफ चौधरी, राहगीर

सड़क में आरसीसी नहीं लगी है। जोड़ के ऊपर कोलतार डाल दिया। इसलिए सड़क में मजबूती नहीं है। बरसात के पानी और बाइकों के आवागमन से सड़क टूटकर धंस गई। - सुरेंद्र सिंह, किसान

रिंग रोड़ पर वाहन अभी नहीं गुजरे, लेकिन बैल गाड़ी से जंगल जाना रोज का रहता है। इस दो किमी के बीच 12 से भी ज्यादा छोटे बड़े गड्ढे हैं। अगर सड़क बारिश नहीं झेल पाई तो भारी वाहनों का वजन कैसे झेल सकेगी। - चंद्रप्रकाश, किसान

रामगंगा नदी के पार या फिर मूंढापांडे के किसी गांव का कार्य होता है तो रिंग रोड से गुजरना हो जाता है। कई जगह से सड़क धंसी हुई है। अब निर्माण से पहले यह हाल है तो लोडेड वाहन गुजरेंगे तो क्या होगा। - अशरफी, राहगीर
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