जिससे प्रभाकर को आर्थिक और राजनीति दोनों नुकसान उठाने पड़ रहे थे। इतना ही नहीं कई बार दोनों के बीच झगड़े भी हुए थे। इसी माह अनुज चौधरी की तैयारी अविश्वास प्रस्ताव लाने की थी। उसने दावा किया था कि 100 सदस्य उसके संपर्क में हैं।
16 अगस्त को अनिकेत, नीरज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि प्रभाकर चौधरी साजिश में शामिल रहा है। उसे डर सताने लगा था कि ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी उसके परिवार से छीन जाएगी।
इसी रंजिश में सुपारी देकर ब्लॉक प्रमुख और उसके बेटे समेत अन्यों ने साजिश रचकर हत्या कराई थी लेकिन मंगलवार को मुठभेड़ के पुलिस की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट से प्रभाकर चौधरी का नाम गायब कर दिया गया।
फरार अमित पर भी 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है लेकिन प्रभाकर चौधरी पर पुलिस मेहरबानी बरत रही है। मुख्य साजिशकर्ता होने के बावजूद अब तक इनाम घोषित नहीं किया गया है।
बाहुबली का करीबी रहा है प्रभाकर, अब भाजपा नेताओं के संपर्क में
प्रभाकर चौधरी ने मुरादाबाद मंडल के एक बाहुबली की छत्रछाया में राजनीति सीखी थी। असमोली ब्लॉक पर भाजपा से टिकट नहीं मिला तो पत्नी को निर्दलीय ही चुनाव मैदान में उतार दिया था।
तब भाजपा समर्थित अनुज चौधरी को दस मतों के अंतर से चुनाव हराकर पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनाने में प्रभाकर चौधरी सफल रहा था। इसके बाद कुर्सी बचाने के चक्कर में प्रभाकर पत्नी, बेटे के साथ भाजपा में शामिल हो गया था। अब भाजपा के कई नेताओं से उसके अच्छे संपर्क हैं।